आज से पांचवीं और आठवीं बोर्ड की परीक्षा शुरू हुई है, जिसमें इंदौर के 1 लाख विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया है। आज दोपहर से शुरू हुई इस परीक्षा में प्रदेश के लगभग 25 लाख विद्यार्थी शामिल हैं। विशेष रूप से इंदौर जिले में, पांचवीं और आठवीं कक्षाओं के लगभग 99000 विद्यार्थियों ने परीक्षा हेतु आवेदन कर लिया है।
नकल रोकने के लिए 10 उड़नदस्ते
आज दोपहर 2 से 4.30 बजे तक निर्धारित समय में परीक्षा संपन्न हुई और सभी विद्यार्थियों को 1.30 बजे तक अपने-अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंचने को कहा गया था। इंदौर जिले में कुल 130 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां कक्षा पांचवीं के 49833 विद्यार्थी और कक्षा आठवीं के 49402 विद्यार्थी अपनी-अपनी सीटों पर उपस्थित रहेंगे। इन परीक्षाओं के संचालन हेतु 2000 से अधिक शिक्षकों को ड्यूटी पर लगाया गया है, जबकि मॉनिटरिंग और सामग्री वितरण के लिए 500 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। साथ ही, नकल व अन्य अनैतिक घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से 10 उड़नदस्ते भी तैयार किए गए हैं।
कई जगह नियमों का उल्लंघन भी देखने को मिला
परीक्षा केंद्रों को लेकर उठ रहे संशयों पर बीआरसी पर नजर बनी हुई है। राज्य शिक्षा केंद्र ने स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि निजी स्कूलों को परीक्षा केंद्र के रूप में चयन नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन इंदौर में मनमर्जी से परीक्षा केंद्र स्थापित करने की खबरें सामने आ रही हैं। कई केंद्र ऐसे भी हैं जहां दिए गए निर्देशों का उल्लंघन स्पष्ट रूप से दिख रहा है। अधिकारी इस मुद्दे पर खुलकर टिप्पणी करने से बच रहे हैं, क्योंकि परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था की जिम्मेदारी अंततः बीआरसी पर होती है, जिस पर अधिकांश लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।