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Indore News: बेलेश्वर मंदिर की बावड़ी से रातभर में निकाले गए 21 शव, अभियान अभी भी जारी

Fri, 31 Mar 2023 10:31 AM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

बचाव कार्य में बावड़ी में गिरी जालियां और स्लैब का लोहे के सरिए भी बाधक बने हुए थे। ज्यादातर शव उनके नीचे मलबे में भी दबे थे। सेना और एनडीआरएफ के जवानों ने पहले सरियों को कटर से काटा और फिर भीतर तक जाने का रास्ता बनाया।
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मंदिर की बावड़ी मे रात भर खोजे गए शव - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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इंदौर के बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर की बावड़ी से बीते दस घंटों में २१ शव निकाले। रात को बचाव कार्य के लिए सेना की मदद ली गई। महू से आए सेना के ७० जवानों ने सुबह चार बजे तक २१ शव निकाले, जिनमें तीन बच्चे शामिल है। एक व्यक्ति अभी भी लापता है। उन्हें बावडी में खोजने का अभियान जारी है। इस बावड़ी मेें रामनवमी के यज्ञ के दौरान 50 से ज्यादा लोग हवन करते समय गिर गए थे। जिसमें 35 लोगों की जान जा चुकी है।

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लोहे काटकर बनाया रास्ता
बचाव कार्य में बावड़ी में गिरी जालियां और स्लैब का लोहे के सरिए भी बाधक बने हुए थे। ज्यादातर शव उनके नीचे मलबे में भी दबे थे। सेना और एनडीआरएफ के जवानों ने पहले सरियों को कटर से काटा और फिर भीतर तक जाने का रास्ता बनाया। इसके बाद खूनी बावड़ी से एक के बाद एक शव बाहर आते रहे।

पुजारी बैठे थे एक तरफ, इसलिए सुरक्षित बचे
मंदिर में रामनवमी पर यज्ञ हो रहा था। बावड़ी के मध्य हिस्से में भीड़ बैठी थी, जबकि पुजारी हवन कुंड के दूसरी तरफ बैठकर आहुतियां डलवा रहे थे। जब अचानकर भरभराकर छत गिरी तो जिस हिस्से में पुजारी बैठे थे, वह सुरक्षित रहा। इस कारण वे गिरने से बच गए।
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अफसर ने टोका तो झूले से उतरे जवान
राहत कार्य के लिए नगर निगम ने एक झूला तैयार किया था। उसमें बैठकर जवान नीचे जा रहे थे और शव को खोजकर उसमें ला रहे थे। एक बार झूले में पांच जवान खड़े होकर नीचे जाने लगे। यह देख सैन्य अफसर ने झूले की मजबूती पर सवाल उठाया और कहा कि झूले एक साथ पांच लोग न जाए। शव भी झूले में लाने से वजन और बढ़ जाएगा। इसके बाद दो जवान झूले से उतर गए।
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बावड़ी से निकले पर्र्स, मोबाइल और चश्मे
बावड़ी से शवों के साथ सैन्य जवानों को पर्स, चश्मे, मोबाइल फोन भी मिले। उसे भी एकत्र कर जूनी इंदौर पुलिस के हवाले सौंप दिया गया, ताकि निशानदेही
के लिए वे काम आ सके।

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