पुलिस कमिश्नर से शिकायत करने पहुंचीं महिला
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भोपाल में महिला प्रोफेसर के गुस्से की घटना के बाद इंदौर में भी ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां एक डॉक्टर की कार सब्जी के ठेले के आगे से हटाने का कहने पर डॉक्टर आगबबूला हो गए। ठेले वाले मां-बेटे की पिटाई करवाई और ठेला पलट दिया।
जानकारी के मुताबिक घटना भंवरकुआं इलाके के भोलाराम उस्ताद मार्ग रोड की है। दो दिन पुरानी घटना बताई जा रही है जिसका वीडियो अब सामने आया है। बताया जा रहा है कि यहां सब्जी का ठेला लगाने वाली द्वारिका बाई अपने बेटे के साथ खड़ी थी। इसी दौरन क्लिनिक संचालक डॉ. अनिल घई की कार ठेले के सामने खड़ी हो गई। मां-बेटे ने डॉक्टर से कार हटाने का कहा तो वे गुस्से में आ गए और क्लिनिक से कर्मचारियों को बुलाकर मां-बेटे को पिटवाया।
महिला द्वारिका बाई ने आरोप लगाए कि गुरुवार रात को वह अपने ठेले पर खड़ी थी, तभी डॉ. घई क्लिनिक पर पहुंचे। उन्होंने कार ठेले के सामने लगा दी। उनसे इतना कहा कि कार साइड में लगा लीजिए, इस पर वह गुस्सा हो गए। कर्मचारियों को बुलाकर हमें पिटवा दिया। बेटे राजू के हाथ में चोट आई है। कर्मचारियों ने सब्जी का ठेला भी पलट दिया। आलू-प्याज रोड पर बिखर गए। बेटे के साथ शिकायत करने भंवरकुआं थाने गई तो वहां पुलिस ने काफी देर तक बैठाए रखा। राजीनामे का दबाव बनाया। जब थाने पर भीड़ जमा होने लगी, तब डॉ. घई के सिर्फ एक कर्मचारी यश के खिलाफ रिपोर्ट लिखी। उसे गिरफ्तार कर छोड़ भी दिया। हमको देर रात तक थाने पर बैठाए रखा। इसके बाद महिला अपने बेटे के साथ शिकायत लेकर पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र के पास पहुंचीं। कमिश्नर ने धाराएं बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।