शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के चलन बढ़ने के बाद अब ई-चार्जिंग स्टेशन बनना शुरू हो गए हैं। अगले छह माह में 113 स्थानों पर ई-चार्जिंग स्टेशन तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। दूसरी तरफ कंडक्टरलैस बसें चलाने की भी योजना है।
दरअसल, शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ रहा है। इसके चलते इन वाहनों के लिए शहर में ई-चार्जिंग स्टेशन बनना शुरू हो गए हैं। एआईसीटीएसएल द्वारा अधिकृत एजेंसी के माध्यम से फिलहाल पालिका प्लाजा व पटेल नगर स्थित इल्वा स्कूल परिसर के पास में एक अन्य चार्जिंग स्टेशन तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक इंदौर में अगले छह माह में 113 स्थानों पर ई-चार्जिंग स्टेशन तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। फेम इंडिया योजना के द्वितीय चारण के तहत शहर में एक एजेंसी द्वारा 37 चार्जिंग स्टेशन तैयार किए जा रहे है। इधर सोमवार को एक अन्य एजेंसी को शहर में 76 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन तैयार करने का जिम्मा दिया गया है। इंदौर के अलावा महू, पीथमपुर व सांवेर में भी ई-चार्जिंग स्टेशन तैयार होंगे। संभागायुक्त पवन शर्मा ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए अमृत योजना के द्वितीय चरण में 80 इलेक्ट्रिक बसें खरीदने का निर्णय हुआ। इनमें से 50 बसों का संचालन शहर में एवं 30 बसों का संचालन बीआरटीएस पर किया जाएगा।
कंडक्टर के बिना चलेंगी बसें, किराए में मिलेगी छूट
दूसरी तरफ शहर में संचालित सिटी बसों के डिजिटल व कैशलेस भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत संगम नगर से खजराना के बीच रूट क्रंमाक 15 पर चलने वाली छह सिटी बसों व देवास नाका से राजीव गांधी नगर तक रिंग रोड पर चलने वाली रुट नंबर पांच की छह सिटी बसों में कैशलेस भुगतान पर यात्रियों को किराए में 20 प्रतिशत छूट दी जाएगी। इन बसों में यात्री स्मार्ट कार्ड का उपयोग कर यात्रा कर सकेगे। इन रुट पर सीएनजी संचालित अत्याधुनिक सिटी बसें चलेगी। इनमें कंडक्टर नहीं होगा। यात्रियों की मदद के लिए प्रत्येक बस में एआईसीटीएसएल का एक कर्मचारी मौजूद होगा। पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए इंदौर में अगामी 20 दिनों में पब्लिक बायसाइकिल शेयरिंग सिस्टम शुरू होगा। इसके तहत शहर में 100 साइकिल स्टैंड पर 1000 साइकिलें शहरवासियों को मिल सकेगी। एआईसीटीएसएल द्वारा जिस एजेंसी को इसका जिम्मा दिया गया है उसने सिटी बस ऑफिस में अभी 10 साइकिलें उपलब्ध करवाई हैं। ये साइकिलें शहरवासियों के लिए अत्यंत किफायती दरों पर 24 घंटे के लिए उपलब्ध होगी। तकनीकी रूप से सुसज्जित इन साइकिलों में जीपीआरएस लॉक, सिस्टम होगा। इनमें लैपटाप और कॉलेज बैग रखने के लिए एक बास्केट लगी है। एप पर आधारित इस साइकिल सिस्टम के तहत लोगों को अपने घर में साइकिल ले जाने, एक सप्ताह या एक माह के लिए साइकिल किराए पर लेने की सुविधा दी जाएगी। शहर में भविष्य में तीन हजार साइकिलें चलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक साइकिल भी किराए उपलब्ध करवाने की सुविधा है।
चलाई जाएंगी सीएनजी बसें
एआईसीटीएसएल द्वारा शहर में सीएनजी चलित बसों को बढ़ाने की कवायद की जा रही है। अमृत योजना के द्वितीय चरण के अंतर्गत 380 सीएनजी बसों का संचालन किया जाना है। इसके प्रथम चरण में 55 बायो सीएनजी वाली सिटी बसें इंदौर आ चुकी हैं और इनका संचालन इसी माह से शुरू होगा। जल्द ही सीएनजी वाली 250 बसें आएगी।
सीसीटीवी कैमरे व डिजिटल मैप वाले 600 बस स्टाप होंगे तैयार यात्रियों की सुविधा 600 अत्याधुनिक सिटी बस स्टॉप बनाने का निर्णय लिया गया है। इन बस स्टॉप पर अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरा, पब्लिक इनफॉर्मेशन सिस्टम, डिजिटल मैप की सुविधा यात्रियों को मिलेगी। इंदौर के आसपास के शहरों को बस सुविधा से जोड़ने की कवायद की जा रही है। इसके तहत एआइसीटीएसएल महू, पीथमपुर एवं घाटा बिल्लौद मार्ग पर 4 - 4 बसों का संचालन किया जाएगा। इसके लिए निविदा की प्रक्रिया पूर्ण हो गई और इनका संचालन जल्द शुरू होगा।