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इंदौर: मप्र में बनेगा देश का सबसे बड़ा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, इंदौर के समीप तलाशी 25 हजार एकड़ जमीन..!

Sun, 06 Mar 2022 05:37 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

देश का सबसे बड़ा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट मप्र में बन सकता है। उद्योग विभाग ने इसके लिए 25 हजार एकड़ जमीन की तलाश की है। इंदौर से करीब 40 किमी के दायरे में यह एयरपोर्ट रहेगा। राज्य शासन को इस संबंध में प्रस्ताव भेज दिया है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट मध्यप्रदेश में बनाए जाने की संभावना तेज हो गई है। इंदौर से 35 से 40 किमी के दायरे में यह एयरपोर्ट बनाया जाएगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि देवास और सोनकच्छ के बीच यह एयरपोर्ट बनाया जा सकता है, हालांकि एक संभावना यह भी है कि देवास जिले के चापड़ा क्षेत्र में भी एयरपोर्ट बनाया जा सकता है। फिलहाल कुछ तय नहीं हुआ है लेकिन यह बताया जा रहा है कि उद्योग विभाग ने इसके लिए 25 हजार एकड़ जमीन तलाश ली है। 
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दरअसल, यात्रियों के साथ कार्गो और लॉजिस्टिक हब को बढ़ावा देने के लिए यह एयरपोर्ट बनाया जा रहा है। इसके लिए मप्र इंडस्ट्री डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने जमीन के संबंध में राज्य सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। इस जमीन से भोपाल-इंदौर रोड, भोपाल-जयपुर रोड, शाजापुर-देवास रोड और नरसिंहगढ़ को आपस में जोड़ा जाएगा। उद्योग विभाग ने इस जमीन की तलाश इसलिए की है, क्योंकि उसका मानना है कि राज्य के 40 फीसदी उद्योग इंदौर, देवास, पीथमपुर में है और डीएमआईसी के पास भी है। सरकार अब इसी क्षेत्र पर फोकस करेगी। इन क्षेत्रों में होने वाला विकास अब इसी जमीन के आसपास होगा। यहीं लॉजिस्टिक हब बनेगा या कोई उद्योग लगेगा। हालांकि एयरपोर्ट बनाने के लिए जिन तथ्यों पर प्रशासन काम करेगा उनमें मौसम की अहम भूमिका होगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ये देखेगी कि इंदौर, देवास, सोनकच्छ में सालभर मौसम कैसा रहता है। यहां आंधी-तूफान कब आते हैं, बारिश कब होती है। 

लॉजिस्टिक को दिया जाएगा बढ़ावा
इस प्रोजेक्ट पर मप्र इंडस्ट्री डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की एक अलग टीम काम कर रही है। बताया जा रहा है कि इस एयरपोर्ट से पैसेंजर और कार्गो पर तो फोकस किया ही जाएगा, साथ ही लॉजिस्टिक को भी बढ़ावा दिया जाएगा। औद्योगिक निवेश एवं नीति प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव और प्रमुख सचिव संजय शुक्ला इस संबंध में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन संजीव कुमार से चर्चा कर चुके हैं। भोपाल रोड पर देवास और सोनकच्छ के बीच इस एयरपोर्ट को बनाने की चर्चाएं चल रही हैं। यहां जमीन के लिए दौरा भी किया जा चुका है। इधर भाजपा से जुड़े कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि हाटपीपल्या के पास चापड़ा क्षेत्र में भी एयरपोर्ट बनाया जा सकता है। 
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पीथमपुर और देवास जैसे क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
मध्यप्रदेश के औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला शनिवार को सीआईआई मध्यप्रदेश के वार्षिक कार्यक्रम में पहुंचे। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव भी इसमें शामिल हुए। शुक्ला ने कहा कि इंदौर के 35 से 40 किलोमीटर के दायरे में अंतरराष्ट्रीय विमानतल बनने से पीथमपुर और देवास जैसे क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। इंदौर और इसके आसपास मैन्युफैक्चरिंग उद्योग बड़ी संख्या में है। विमानतल तैयार होने से लॉजिस्टिक क्षेत्र बेहतर होगा। प्रदेश भारत के मानचित्र में बीच में आने से कई लाभ हैं। हम 12 घंटे के सफर में आसपास के किसी भी शहर में पहुंच सकते हैं। लॉजिस्टिक पार्क बनने से भी उद्योगों को गति मिलेगी। नई उद्योग नीति के संदर्भ में महिंद्रा और टाटा जैसी कई कंपनियों की राय भी ली गई है। इसमें कई तरह के प्रावधान रखे गए हैं, जिससे प्रदेश के उद्योगों को पहले से ज्यादा सुविधाएं मिल सकेंगी। आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर प्रदेश के लिए सरकार कई काम कर रही है। मेडिकल पार्क के साथ ही कई तरह के क्लस्टर बनाए जा रहे हैं, जहां सभी क्षेत्रों के उद्योगों को जगह मिलेगी। ईज आफ डूइंग बिजनेस के लिए भी इंदौर सहित पूरे प्रदेश में काम किया जा रहा है। फार्मा और कई तरह के पार्क तैयार होंगे। आने वाले कुछ समय में उद्योग नीति भी आ रही है। इसमें प्रदेश के उद्योगों को आगे बढ़ाने के लिए सभी तरह की बातों को शामिल किया गया है।

ऑटो एक्सपो में बुलाएंगे दुनियाभर के देशों की कंपनियों को
मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम  के प्रबंध संचालक जॉन किंग्सली ने कहा कि अब प्रदेश में ऐसी कंपनियां भी संयंत्र लेकर आ रही हैं, जो पुराने वाहनों को स्क्रैप करेंगी। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत केंद्र सरकार की ओर से तो वाहनों की समय अवधि आ गई है, लेकिन अब तक राज्य की ओर से इस पर निर्णय लेना शेष है। देवास के पास एक कंपनी ने स्क्रैप से संबंधित काम के लिए संयंत्र स्थापित कर लिया है और दो से तीन कंपनियां इंतजार में हैं। इससे स्टील के स्क्रैप को रिसाइकल करने के लिए भी नए उद्योग स्थापित होंगे। पीथमपुर के नेटरिप ट्रैक पर होने जा रहे ऑटो एक्सपो में दुनियाभर के देशों की कंपनियों को आमंत्रित कर रहे हैं। इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों से लेकर सभी तरह के वाहन रहेंगे। पीथमपुर ऑटो क्लस्टर में इलेक्ट्रिक व्हीकल तकनीक में उत्कृष्टता केंद्र प्रस्तावित है। एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक रोहन सक्सेना ने कहा कि सरकार ऑटोमोबाइल उद्योग से निवेश आकर्षित करने के लिए हर साल ऑटो एक्सपो की मेजबानी करने की योजना बना रही है। 
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