पदभार ग्रहण करने के बाद विक्रमसिंह पवार व गुरमीत कौर बिंद्रा
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डेली कॉलेज में हुए घटनाक्रम के बाद बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक हुई है। इसमें आगामी समय की रूपरेखा बनाई गई है। मुख्य रूप से तय हुआ है कि कॉलेज में घुड़सवारी, पोलो जैसे खेल शुरू होंगे। फिनिशिंग स्कूल शुरू किया जाएगा ताकि राजपरिवारोंकी संस्कृति सिखाई जा सके।
गत दिनों हुए डेली कॉलेज के घटनाक्रम के बाद यह सुर्खियों में आया था। इसके बाद देवास रियासत के महाराज विक्रमसिंह पवार ने बोर्ड ऑफ गवर्नर्स का पदभार संभाला। देहरादून की गुरमीत गौर बिंद्रा ने पहली महिला प्राचार्य की जिम्मेदारी संभाली। कहा जा रहा है कि विक्रमसिंह पवार अब तक के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने हैं। उनसे इस बारे में पूछा भी गया कि कम उम्र में बड़ी जिम्मेदारी कैसे संभालेंगे तो पवार ने कहा कि मैं युवा हूं, लेकिन हमारी टीम अनुभवी है। मेरे सामने कोई चुनौती नहीं है। सबको साथ लेकर चलेंगे। भविष्य की योजनाओं को लेकर कहा कि डेली कॉलेज का अपना समृद्ध इतिहास रहा है, लेकिन हमारी योजना इसे आधुनिकता से जोड़ने की है। शिक्षा के नए तरीके अपनाए जाएं ताकि हम भी समय के साथ चलें। मेरी व्यक्तिगत इच्छा सीबीएसई के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बोर्ड (आईबी) से जुड़ने की है, ताकि बच्चों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा मिले। यहां घुड़सवारी और पोलो शुरू करने जा रहे हैं। यह खेल बहुत कम स्कूलों में हैं। साथ ही फिनिशिंग स्कूल शुरू होगा। बोर्ड ने इसकी स्वीकृति दे दी है। फिनिशिंग स्कूल में राजपरिवारों और उच्च वर्ग का रहन-सहन सिखाया जाता है कि कैसे खाना चाहिए, कैसे बैठना, कैसे बात करना आदि। मध्य प्रदेश में ऐसा कोई स्कूल नहीं है जबकि देश में संभवत: एक ही ऐसा स्कूल है। इधर नवागत प्राचार्य गुरमीत कौर बिंद्रा कुर्सी ने कहा कि- मेरा ध्यान विवादों पर नहीं बच्चों पर है। यहां पढ़ने वाले बच्चों के साथ पुराने विद्यार्थियों को भी उतना ही सम्मान मिलेगा। मैं साक्षात्कार देकर आई हूं और किसी विवाद से वाकिफ नहीं हूं। खुद खिलाड़ी रही हूं, इसलिए खेल और पढ़ाई दोनों पर समान ध्यान दूंगी।