पुलिस गिरफ्त में आरोपी मिलन और प्रमोद
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ट्रेन में बम की सूचना संबंधी ट्वीट करने वाले दो आरोपियों को जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। दोनों ही निजी कंपनी के सफाई कर्मचारी हैं और ट्रेन में सफाई का काम करते हैं। ट्रेन को लेट करने के लिए आरोपियों ने बम की अफवाह फैलाई थी ताकि वे परिवार को समय दे सके।
जानकारी के मुताबिक रेलवे पुलिस को 18 मई को ट्वीटर के माध्यम से सूचना मिली थी कि उज्जैन रेलवे स्टेशन पर गोरखपुर-बांद्रा एक्सप्रेस के किसी कोच में अज्ञात व्यक्ति ने चेन पुलिंग कर बम रख दिया है। सूचना पर जीआरपी, आरपीएफ, सिटी पुलिस की टीम, डाग स्क्वाड व बीडीडीएस की टीम ने चेकिंग करते हुए ट्रेन में सर्चिंग की। सर्चिंग के दौरान गाड़ी में से किसी भी प्रकार की विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। इस पर सायबर यूनिट के माध्यम से ट्वीटर कंपनी से जानकारी ली गई तो ट्वीटर हैंडल मिलन रजक के नाम से होना पाया गया। इसके बाद उसकी लोकेशन निकाली गई तो वह ट्रेन में मिली। सर्चिंग कर उसे पुलिस ने ट्रेन में एक कोच से हिरासत में लिया। पूछताछ में रजक ने बताया कि दोस्त प्रमोद माली ने उसके मोबाइल से ट्वीट किया था। इस पर ट्रेन में से ही प्रमोद को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों सफाई कर्मचारी हैं और ट्रेन में सफाई का काम करते हैं। दोनों के मोबाइल पुलिस ने जब्त किए। आरोपी पिछले दस दिन से सूरत, गुजरात, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, बांद्रा, महाराष्ट्र क्षेत्र में ट्रेन में बम की झूठी सूचना रेल मंत्रालय व आरपीएफ को दे रहे थे। तीन राज्यों की पुलिस आरोपियों को ढूंढ रही थी। 11 मई को भी आरोपियों ने गोरखपुर-बांद्रा एक्सप्रेस में रतलाम स्टेशन पर बम होने की झूठी सूचना ट्वीट कर दी थी। तब भी करीब डेढ़ घंटे ट्रेन लेट हुई थी। अगले दिन मिलन रजक के बारे में फोटो सहित जानकारी पुलिस के पास आ गई थी। उसकी लोकेशन महाराष्ट्र आने से पुलिस उस तक पहुंच नहीं पाई लेकिन उज्जैन में जैसे ही उसके फिर से ट्रेन में बम रखने का झूठा ट्वीट किया पुलिस ने उसे पांच मिनट में ही गिरफ्तार कर लिया।
एक दिन भी नहीं मिलती है छुट्टी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पूरे सप्ताह काम करते हैं, उन्हें छुट्टी नहीं दी जाती है। एक से दूसरी ट्रेन में सफाई के लिए काम पर लगा दिया जाता है। इस वजह से वह परिवार को समय नहीं दे पा रहा था। तीन-चार दिन पहले ही प्रमोद की पत्नी ने बेटी को जन्म दिया है। अफवाह फैलाकर आरोपी गोरखपुर-बांद्रा ट्रेन को लेट कर देते थे और इसके दो घंटे बाद वाली पश्चिम एक्सप्रेस में उन्हें ड्यूटी से राहत मिल जाती थी। अगले दिन शाम को सात बजे उनकी ड्यूटी लगती। इस तरह दिन के समय वे परिवार के साथ में रहते थे। प्रमोद शिवाजी नगर मुंबई और मिलन रजक सुभाष नगर सांताक्रूज ईस्ट मुंबई में रहता है। प्रमोद मूलत: बनारस (उप्र) का रहने वाला है जबकि मिलन कोलकाता का है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 177, आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।