मप्र की राजनीति में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के सुर अक्सर बदले नजर आते हैं मगर इंदौर गौरव दिवस के मौके पर दोनों ने एक सुर में सुर मिलाए। मंच पर साथ आकर गीत गाया, जिसे सबने सराहा।
कहते हैं कि संगीत दिलों को जोड़ता है। दूरियां मिटाता है और सुर मिलाता है। ऐसा ही कुछ इंदौर गौरव दिवस के मौके पर देखने को मिला जब राजनीतिक सुरों की भिन्नता के बावजूद एक साथ सुर में सुर मिलाते नजर आए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय। जिसने भी यह नजारा देखा वह देखता रह गया।
विज्ञापन
दरअसल, हुआ यूं कि इंदौर गौरव दिवस का मुख्य समारोह नेहरू स्टेडियम में था। यहां प्रसिद्ध पार्श्व गायिका श्रेया घोषाल की प्रस्तुति हो रही थी। श्रेया प्रस्तुति के लिए आई और मंच से सीएम शिवराज सिंह को श्रेया का अभिनंदन करने के लिए आमंत्रित किया गया। जब सीएम ने श्रेया का स्वागत किया तो श्रेया ने उनसे कहा कि आपको एक गीत गाना पड़ेगा। पहले तो सीएम शिवराज कहते रहे कि मैं तो फटे गले का हूं, नहीं गा सकूंगा।आज तो श्रेया को सुनना ही श्रेयस्कर रहेगा, लेकिन श्रेया की जिद के आगे सीएम झुके और मंच से गाना शुरू किया। नदिया चले चले रे धारा...तुझको चलना होगा...गीत शुरू किया। इसी दौरान सीएम ने सामने की पंक्ति में बैठे भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को आवाज देकर मंच पर बुलाया और बाद में शिवराज और कैलाश की जुगलबंदी शुरू हुई। दोनों ने साथ में सुर से सुर मिलाए। हालांकि गायकी के शौकीन कैलाश विजयवर्गीय चाहते थे कि एक दो गीत और गाएं लेकिन बाद में मंच से नीचे आ गए।