मल्हारगंज स्थित छोटा गणपति मंदिर
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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत रोड चौड़ीकरण में बाधक बताकर छोटा गणपति को हटाए जाने के मामले का विरोध तेज होने लगा है। शुरुआत में मंदिर के पुजारी और ट्रस्टियों ने विरोध जताया था, अब भाजपा नेता भी इसमें जुड़ चुके हैं। अगर निगम नहीं माना तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
गौरतलब है कि मल्हारगंज में ऐतिहासिक छोटा गणपति मंदिर है। यह करीब दो सौ साल पुराना है। इसे पिता पुत्र का मंदिर भी कहते हैं क्योंकि यहां पर शिवलिंग भी है। यह मंदिर पुरातन निर्माण शैली का अद्भुत प्रतीक है और इसमें भगवान गणेश की आदमकद प्रतिमा है। मंदिर में शिवलिंग भी है और समाधि स्थल भी बना हुआ है। पास में ही तात्या की बावड़ी है। पहले किबे परिवार इस मंदिर का संचालन करता था क्योंकि उन्हीं के पूर्वजों द्वारा यह स्थापित है लेकिन बाद में सबकी सहमति से इसे ट्रस्ट में बदला गया। इसके बाद से यह हेरम्ब न्यास का मंदिर हो गया। स्मार्ट सिटी के तहत रोड चौडीकरण की बात कहकर नगर निगम उक्त मंदिर को हटाना चाह रहा है। बड़ा गणपति से लेकर कृष्णपुरा छत्री के बीच नगर निगम स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत दो 60 फीट चौड़ी सड़क बनने जा रही है उसके बीच में 18 मंदिर आ रहे हैं। इनमें छोटा गणपति मंदिर भी शामिल है। निगम इन्हें हटाने की तैयारी कर रहा है। इधर जब छोटा गणपति मंदिर से जुड़े लोगों को पता चला तो उन्होंने निगम अधिकारियों से बात की। यह भी कहा कि मंदिर ऐतिहासिक है। शहर की धरोहर है। यदि रोड चौड़ा करना ही है तो मंदिर के आसपास की जो दुकाने हैं वे हटा सकते हैं, मंदिर को हटाने से हजारों लोगों की भावनाएं आहत होगी। हालांकि निगम ने यही कहा कि मंदिर को हटाना पड़ेगा। इसके बाद आंदोलन की रूपरेखा तैयार हुई। वरिष्ठ भाजपा नेता व कवि सत्यनारायण सत्तन के नेतृत्व में मंदिर से जुड़े लोग अब मैदान संभाल रहे हैं।
7 अप्रैल को देंगे धरना
नगर निगम के अनुसार पूरा मंदिर सड़क की जद में आ रहा है, जिसको लेकर पिछले दिनों निगम के एक अफसर ने पुजारी को स्वयं मंदिर हटाने के निर्देश दिए। निगम अफसर की चेतावनी के बाद पुजारी नितिन गुरु ने मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं से बात की। इस पर पुजारी व ट्रस्टीगण निगम आयुक्त प्रतिभा पाल से जाकर मिले, लेकिन वहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई। पाल ने साफ कर दिया कि सड़क में बाधक है मंदिर, उसे हम शिफ्ट करके दूसरी जगह बना देंगे लेकिन हटाना तो पड़ेगा। निगमायुक्त से मुलाकात के बाद में ट्रस्टी व पुजारी ने भाजपा उपाध्यक्ष अशोक चौहान से बात की। इसके बाद सभी ने सत्यनारायण सत्तन से मुलाकात कर मामला बताया। सत्तन ने सारी बात सुनने के बाद साफ कर दिया कि किसी भी कीमत पर प्राचीन मंदिर को तोड़ने नहीं दिया जाएगा। इसको लेकर किसी भी स्तर पर आंदोलन करना पड़ा तो किया जाएगा। रणनीति बनाई गई कि 7 अप्रैल को सुबह 10 बजे छोटा गणपति मंदिर पर धरना दिया जाएगा। इसमें ज्यादा से ज्यादा लोगों को इकट्ठा करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि निगम के सामने शक्ति प्रदर्शन हो सके। इधर भाजपा नेता अशोक चौहान ने निगम को कठघरे में खड़ा कर कहा है कि शहर की कई सड़कों पर मस्जिद व दरगाह बीच में बनी हुई हैं, लेकिन कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं हो पा रही है। मंदिर पर हथौड़ा चलाने की बात कर रहे हैं। निगम अफसर तुष्टिकरण कर रहे हैं। जब सड़क को लेकर मकानों में तोडफ़ोड़ हो रही थी, तब मंदिर को बचाने की बात कर रहे थे। अब धमका रहे हैं।