पानी भरने का विवाद एक गर्भवती महिला को इतना भारी पड़ा कि 12 साल से जिस खुशी की उम्मीद थी वह टूट गई। महिलाओं ने विवाद के बाद झूमाझटकी की और धक्का दे दिया। इससे गर्भवती महिला का गर्भपात हो गया। गर्भ में पल रहे जुड़वां बच्चों की मौत हो गई। उसकी भी जान पर बन पर आई। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने महिला की जान बचाई।
जानकारी के मुताबिक मामला खातीपुरा का है। यहां रहने वाली कुसुम वर्मा ने बताया कि 31 मई की रात को विवाद में रानीबाई, उसकी बहू विनीता और देवरानी आरती ने उसके साथ झूमाझटकी की थी। धक्का लगने से वह गिर गई। इस दौरान उसे दर्द हुआ, लेकिन वह सहन कर गई। 4 जून की रात उसकी अचानक तबीयत बिगड़ी। पति नरेन्द्र वर्मा उसे बापट चौराहा स्थित नाहर अस्पताल ले गए। यहां डॉक्टर ने चेकअप के बाद ऑपरेशन करने की सलाह दी। ऑपरेशन के बाद गर्भ में जुड़वां बच्चों की मौत की बात सामने आई। पति नरेन्द्र ने बताया कि तीनों आरोपी महिलाएं उनकी पड़ोसी हैं। जो आएदिन घर के बाहर पानी फेंक दिया करती थीं। 31 मई की रात उनकी 65 साल की दादी राजकुमारी उर्फ रंजन पैदल घर आ रही थी। पानी फैला होने के चलते उनका पैर फिसल गया। जिसे लेकर छोटे भाई सुरेन्द्र की पड़ोसियों से कहासुनी हो गई। इस दौरान विवाद में तीनों महिलाएं आईं और दरवाजे के यहां खड़ी पत्नी कुसुम के साथ धक्का-मुक्की कर उसे गिरा दिया। जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। नरेन्द्र ने बताया कि उसकी शादी 2008 में ललितपुर में हुई थी। उसका श्याम नगर में गैरेज है। लंबे समय तक बच्चे नहीं होने के कारण उपचार करवाया। इसके बाद पत्नी कुसुम गर्भवती हुई। वह उसका काफी ध्यान रख रहा था, लेकिन पड़ोसियों की हरकत से उसका 12 साल का इंतजार खत्म हो गया। मामले में डॉक्टरों की रिपोर्ट में चोट के चलते गर्भपात की बात सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में तीन महिलाओं के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया।