थाने का घेराव करने के दौरान समर्थकों ने की जमकर नारेबाजी।
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विवाह समारोह में पुलिसकर्मियों द्वारा महिलाओं के साथ मारपीट करने के मामले में गुरुवार को भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय समर्थकों के साथ एमजी रोड थाने पहुंचे। थाने का घेराव किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। इस मामले में एक सब इंस्पेक्टर को निलंबित किया गया है।
जानकारी के मुताबिक मेवाती मोहल्ले में पुलिसकर्मी कोर्ट के आदेश पर ज़मीन ख़ाली करवाने के लिए पहुंचे थे। वहीं पर पुलिसकर्मियों का रहवासियों से विवाद हो गया था। कुछ महिलाओं को चोट भी लगी थी। पुलिसकर्मियों पर विवादित जमीन को ज़बरदस्ती ख़ाली करवाने का आरोप है। इस मामले में पुलिस अफसरों का कहना है कि मामला जो भी हो पुलिसकर्मियों को अपना आपा नहीं खोना था। एसआई बीएस रघुवंशी को निलंबित कर पुलिस लाइन भेजा है। इधर इस मामले में गुरुवार को भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि वह हिंदुओं को हटाने का काम कर रही है। गुरुवार को समर्थकों के साथ विधायक विजयवर्गीय एमजी रोड थाने पहुंचे और थाने का घेराव किया। थाने के अंदर जमा कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। बता दें कि पिछले दिनों छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस लाइन में विवाह समारोह के दौरान डीजे बजाने को पुलिसकर्मियों और महिलाओं के बीच विवाद हो गया। इसमें पुलिसकर्मियों द्वारा महिलाओं से मारपीट की गई थी। आरोप लगे कि पुलिसकर्मियों ने शादी समारोह में पहुंचकर वहां आए मेहमानों के साथ अभद्रता कर मारपीट की थी।
आगे से ऐसा हुआ तो चुप नहीं बैठेंगे
विधायक विजयवर्गीय ने बताया कि घटना के बाद जब अधिकारियों से बात की तो उन्होंने कहा कि हमारे थाने से कोई नहीं गया था जबकि पूरा स्टाफ एमजी रोड थाने का था। ये सरासर गलत है। या तो पुलिस किसी के दबाव में है या पैसा लेकर काम कर रही है। इसलिए आज हमने यहां आकर आंदोलन किया। एक को सस्पेंड कर दिया है। यह हमारी अंतिम चेतावनी है। अगर किसी हिंदू परिवार को परेशान किया तो हम उग्र आंदोलन करेंगे। वहां पर जिस जमीन का मामला है उसकी जांच में खुद कलेक्टोरेट से करवा चुका हूं। कुछ हिंदू परिवार 40-50 साल से वहां रह रहे हैं। एक महिला कोई कागज लेकर पुलिस के पास गई तो पुलिस कार्रवाई करने लग गई। मैंने पुलिस से कहा कि वह कागज गलत है। ऐसा कागज तो उस परिवार के पास भी है जो वहां सालों से रह रहे हैं। मैं विधायक बना तो मुझे जानकारी मिली कि वहां ये स्थिति है। इसलिए मैं खुद पक्के मकान बनाने में सहयोग कर रहा हूं मगर पुलिस थाने से 22 जवान भेजे गए उनको हटाने के लिए। यह अंतिम बार है जो बर्दाश्त कर रहे हैं। आगे से हुआ तो चुप नहीं बैठेंगे।