इंदौर से वीसी में शामिल हुए अधिकारी।
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कोरोना के नए केस सामने आने के बाद इंदौर में चिंता बढ़ रही है। कुछ दिन की शांति के बाद बीते 24 घंटों में इंदौर में कोरोना के 13 नए केस सामने आए हैं। अब एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 64 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम पॉजिटिव मरीजों के घर जाकर जानकारी जुटाएगी।
दरअसल इंदौर में दीपावली के बाद से ही कोरोना के केस बढ़ रहे हैं। नवंबर में तो लगातार मरीज मिल रहे थे, जिसने चिंता बढ़ा दी थी। इसी बीच नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने चिंता बढ़ा दी और प्रशासन को सख्ती के साथ कहना पड़ा कि अब भी खतरा टला नहीं है। मास्क अनिवार्य रूप से लगाना है। अगर दिसंबर की बात करें तो अब तक 83 केस मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे में 5749 लोगों के सैंपल की जांच हुई जिनमें 5707 की रिपोर्ट निगेटिव आई। रविवार को 12 वर्षीय बच्ची पॉजिटिव मिली थी उसके सैंपल जीनोम सीक्वेसिंग के लिए भेजे जा रहे हैं। वह बैंगलुरु से इंदौर आई थी। इधर एक दिन में 13 नए केस सामने आने के बाद से स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ गई है क्योंकि इस माह में पहली बार ऐसा हुआ है जब एक साथ इतने पॉजिटिव केस मिले हैं।
अस्पतालों में की जाएगी मॉक ड्रिल
शासन भी कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चिंतित है। इस क्रम में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस ने कोरोना की आशंकित तीसरी लहर से बचाव के लिए की जा रही व्यवस्थाओं के संबंध में प्रदेश के सभी जिलों के कमिश्नर एवं कलेक्टर्स से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा की। इंदौर संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा एवं कलेक्टर मनीष सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
वीसी में अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने सभी कमिश्नर एवं कलेक्टर्स को पीपीटी के माध्यम से जरूरी संसाधनों एवं व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी जिलों में ऑक्सीजन बेड, आईसीयू/एचडीयू बेड, पीआईसीयू बेड की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता हो। अस्पतालों में लगाए जा रहे उपकरणों का इलेक्ट्रिकल सेफ्टी ऑडिट भी अनिवार्य रूप से किया जाए। कोरोना से जन सुरक्षा हेतु नियमित रूप से अस्पतालों में मॉक ड्रिल्स चलाएं। मॉक ड्रिल के दौरान मिली कमियों को आगामी पांच दिनों में दूर करें। अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट की नियमित समीक्षा की जाए। पीएसए प्लांट, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर आदि की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाए।