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गरबों में मुस्लिमों की एंट्री: विधायक उषा ठाकुर का दावा- पंडालों से हर साल साढ़े चार लाख लड़कियां भाग जाती हैं

Tue, 22 Sep 2026 08:53 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर में गरबा आयोजनों में मुस्लिमों की भागीदारी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने बिना स्रोत बताए हर साल 4.5 लाख हिंदू लड़कियों के दूसरे समुदाय के युवकों के साथ जाने का दावा किया। रामेश्वर शर्मा और विश्वास सारंग के बयानों पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने प्रतिक्रिया दी।
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विधायक उषा ठाकुर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गरबों में मुस्लिमों लड़कों की एंट्री पर प्रदेश में सियासत गर्मा रही है। एक दिन पहले रामेश्वर शर्मा और विश्वास सारंग के बयान के बाद अब इंदौर से पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने बड़ा बयान दिया है। उषा ठाकुर ने दावा किया है कि हर वर्ष गरबा पांडालों से साढ़े चार लाख हिंदू लड़कियां विधर्मियों के साथ चली जाती हैं और अगले वर्ष से संतानों को जन्म देने लगती हैं। नौ लाख प्रतिवर्ष की दर से जनसांख्यिकी परिवर्तन पर असर पड़ रहा है। हालांकि, इस दावे के समर्थन में उन्होंने किसी स्रोत या आंकड़े का आधार नहीं बताया है। उषा ठाकुर ने गरबा पंडालों में मूर्ति पूजा नहीं करने वालों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने व्यावसायिक गरबा आयोजनों को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
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 दरअसल इंदौर में नवरात्रि से पहले गरबा आयोजनों को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने गरबा पांडालों में गैर-हिंदुओं की एंट्री को लेकर अपनी बात रखते हुए दावा किया कि हर वर्ष साढ़े चार लाख हिंदू लड़कियां विधर्मियों के साथ चली जाती हैं। उषा ठाकुर ने आरोप लगाया कि कुछ लोग तिलक लगाकर और कलावा बांधकर अपनी पहचान छिपाते हुए गरबा पांडालों में प्रवेश करते हैं और बेटियों को भ्रमित कर उनका जीवन खराब करते हैं। व्यावसायिक गरबा आयोजनों को लेकर भी उषा ठाकुर ने सवाल खड़े किए। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की मुहिम का समर्थन करते हुए कहा कि गरबा शक्ति की साधना, शस्त्र और शास्त्र का पर्व है। उनके मुताबिक व्यावसायिक स्वरूप के चलते गरबा साधना के बजाय आधुनिक कपड़ों, गहनों और टैटू के प्रदर्शन का माध्यम बनता जा रहा है। 

ये भी पढ़ें- गरबा में मुस्लिमों की एंट्री: भाजपा विधायक बोले- बहन-बेटियां भी लेकर आओ, कांग्रेस विधायक ने कहा- बदतमीजी छोड़ो
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गौरतलब है कि गरबा पांडालों में पहचान के आधार पर प्रवेश को लेकर उषा ठाकुर पहले भी बयान दे चुकी हैं। वर्ष 2022 में उन्होंने गरबा आयोजकों से पहचान पत्र देखकर प्रवेश देने की अपील की थी और कहा था कि किसी को अपनी पहचान छिपाकर गरबा पांडाल में प्रवेश नहीं करना चाहिए। उषा ठाकुर ने कहा कि गरबा पांडालों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का आधार कार्ड चेक किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कोई ‘विधर्मी’ कार्यक्रम में आता है तो उसे सबक सिखाया जाएगा। उषा ठाकुर ने संस्कार और अहंकार के अंतर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम कांग्रेस की संस्कृति और उसके दोहरे चरित्र को दर्शाते हैं। 

कांग्रेस पर भी साधा निशाना
इंदौर में 19 सितंबर को आयोजित छात्रों के ‘गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। कार्यक्रम में मिमिक्री आर्टिस्ट द्वारा राहुल गांधी की मौजूदगी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री किए जाने को लेकर उषा ठाकुर ने इसे संस्कार और संस्कृति से जोड़ते हुए सवाल खड़े किए। मीडिया से चर्चा में उषा ठाकुर ने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए विद्यार्थियों की कथित तौर पर प्रायोजित भीड़ के बीच इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का मालवांचल में होने वाले चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा और छात्र स्वयं विवेकशील हैं तथा सब कुछ समझते हैं। उषा ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थियों के बीच कार्यक्रम करना है तो उनमें नैतिकता, राष्ट्रभाव और कर्तव्यबोध विकसित करने वाले कार्यक्रम होने चाहिए। उन्होंने मंच से की गई मिमिक्री को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मां के लिए मंच से कुर्सी मांगी थी, ऐसे में ‘मां’ जैसे शब्द का मजाक बनाना उचित नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष के नेता होने के नाते उन्हें जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए।

 
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रामेश्वर शर्मा, विश्वास सारंग और आरिफ मसूद - फोटो : अमर उजाला
रामेश्वर शर्मा ने दिया था तीखा बयान
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने गरबा में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर कहा कि अगर मुस्लिम गरबा में आना चाहते हैं तो आएं, लेकिन अकेले गरबा में ही क्यों आना चाहते हैं? उन्होंने कहा कि यहां तिलक लगाकर और जय श्रीराम बोलकर “परमानेंट” भी आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी को कोई परेशानी नहीं है। साथ ही शर्मा ने कहा कि गोमाता की रक्षा भी करें। इसी दौरान उन्होंने कहा कि गरबा में अकेले लड़के ही क्यों आना चाहते हैं? घर से अपनी बहन-बेटियों को भी लेकर आएं। उन्होंने कहा, “हमारे भी छोरे तैयार हैं।” 

विश्वास सारंग बोले- गरबा धार्मिक आयोजन
गरबा में मुस्लिमों की भागीदारी को लेकर मंत्री विश्वास सारंग की भी प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने गरबा को धार्मिक आयोजन बताते हुए इसमें शामिल होने के लिए धार्मिक आस्था का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि यह मां दुर्गा की स्तुति और आशीर्वाद लेने का आयोजन हैं। उन्होंने कहा कि इसे सिर्फ एंटरटेंटमेंट ना समझें। उन्होंने मुस्लिमों की एंट्री पर कहा कि यदि कोई व्यक्ति हिंदू धर्म स्वीकार करता है तो गरबा में आ सकता हैं।  

मसूद बोले- बदतमीजी छोड़िए, माहौल खराब न करें
दो भाजपा नेताओं के बयानों पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अच्छे धार्मिक माहौल को बिगाड़कर केवल नफरत की बात करते हैं। मसूद ने रामेश्वर शर्मा को लेकर कहा कि वह “बदतमीज हैं और कुछ नहीं हैं। मसूद ने कहा कि ऐसे लोगों को सुधरना चाहिए और समय सुधरने का है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो खुद गधा और घोड़ा होगा, उसे दूसरे गधे-घोड़े ही दिखाई देंगे, इसलिए ऐसी बातें की जा रही हैं।
 
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