इंदौर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच रेमडेसिविर इंजेक्शन की ब्लैक मार्केटिंग की कई खबरें सामने आई हैं। इसी मामले में सोमवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इंदौर के जिलाधिकारी ने बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की ब्लैक मार्केटिंग करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए दो लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल हों या दुकानदार, कालाबाजारी में लिप्त होने के आरोप में पकड़े जाने पर एनएसए के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
बता दें कि मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने के आरोप में डॉक्टर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था। क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि कुछ लोग रेमडेसिविर के एक इंजेक्शन को 18 हजार में बेच रहे हैं।
पुलिस ने शनिवार रात ग्राहक बनकर आरोपियों से संपर्क किया और इंजेक्शन लेकर शाहजेहानबाद स्थि इस्लामी गेट बुलाया। एक आरोपी सामी खान को मौके से गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद कोविड-19 केयर अस्पताल में तैनात डॉक्टर एहसान खान, अखलाख खान और नोमान खान को भी गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों ने बताया कि नोमान ने उन्हें सात हजार में इंजेक्शन दिया था और वे 18 हजार में बेचने की तैयारी कर रहे थे। उनके पास से चार इंजेक्शन बरामद किए गए।