कांग्रेस विधायक, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने इंदौर में हुए भाजपा के कार्यक्रम पर निशाना साधा है। वर्मा ने इसे न्यायालय के आदेश का उल्लंघन बताया है और हाईकोर्ट से अपील की है कि इस पर कार्रवाई की जाए। वर्मा ने सीए्म शिवराज सिंह को निर्दयी और दृष्टिकोणविहीन मुख्यमंत्री बताया है।
इंदौर के नेहरू स्टेडियम में भाजपा ने टंट्या मामा बलिदान दिवस समारोह आयोजित किया गया था। जनजातीय समाज को साधने के लिए सीएम शिवराज ने अनेक घोषणाएं की और दावा किया गया कि कार्यक्रम में एक लाख लोग आए हैं। पूरी प्रशासनिक मशीनरी आयोजन की तैयारियों में जुटी रही और पातालपानी से लेकर नेहरू स्टेडियम तक में तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ी। कांग्रेस शुरू से इस आयोजन पर सवाल उठा रही है और जिस जगह भाजपा ने आयोजन किया उसे कोर्ट का उल्लंघन बताया है।
कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा का ट्वीट
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क्या हाईकोर्ट से ऊपर है मुख्यमंत्री
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने इस संबंध में वीडियो जारी किया था जिसमें आयोजन को लेकर सवाल उठाए थे। वर्मा ने कहा था कि हाई कोर्ट के आदेश के तहत नेहरू स्टेडियम केवल खेल-खिलाड़ियों के लिए है, राजनीतिक या अन्य गतिविधियों के लिए नहीं। हाई कोर्ट मेरे इस वीडियो में की गई अपील पर संज्ञान लें। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की पद लोलुपता इतनी बढ़ गई है कि उन्होंने इंदौर और मप्र के खिलाड़ियों के भविष्य को दाव पर लगा दिया है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि नेहरू स्टेडियम सिर्फ खिलाड़ियों के लिए है, किसी भी राजनीतिक या अन्य गतिविधियों के लिए हम अनुमति नहीं देंगे। तो क्या शिवराजसिंह चौहान हाई कोर्ट से ऊपर है। पूर्व मंत्री वर्मा ने अधिकारियों पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस शहर का कलेक्टर, कमिश्नर क्या हाई कोर्ट के आदेश से ऊपर है।मैं हाई कोर्ट से अपील करता हूं कि मेरे इस वीडियो पर संज्ञान लें। यह आप ही (हाई कोर्ट) का आदेश है कि यह नेहरू स्टेडियम खेल खिलाड़ियों के लिए है, अन्य गतिविधियों को कभी नहीं दिया जाएगा।
निर्दयी और दृष्टिकोणविहीन सीएम है शिवराज
पूर्व मंत्री वर्मा ने देवास में कांग्रेस की जनजागरण यात्रा के शुभारंभ के दौरान कहा कि भाजपा कह रही है कि एक लाख लोग कार्यक्रम में आए थे लेकिन हकीकत है कि दस हजार से ज्यादा लोग नहीं आए। प्रदेश का मुखिया एक तरफ तो कोरोना से बचाव की बातें करता हैं और दूसरी तरफ खुद मूर्खतापूर्ण काम कर रहा है। सत्ता बचाने के लिए भीड़ जुटा रहा है। एक ओर तो जनता को समझा रहे हो लेकिन दूसरी तरफ खुद ही कोरोना बांट रहे हो। शिवराज सिंह चौहान निर्दयी और दृष्टिकोणविहीन मुख्यमंत्री है। इधर कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने भी आयोजन को लेकर सवाल उठाए। राज्यपाल मंगूभाई पटेल के स्वागत का वीडियो ट्विटर पर जारी कर सवाल उठाए कि राज्पाल का पद संवैधानिक होता है। लेकिन अगवानी के दौरान उनका स्वागत भाजपा के चुनाव चिह्न वाले दुपट्टे से किया गया। न राज्यपालजी ने रोका न किसी अन्य ने। यह आपत्तिजनक है। सलूजा ने मंच पर सीएम व अन्य नेताओं के थिरकने के वीडियो पर भी सवाल उठाए।
जनजातीय समाज को साधने की कवायद
भाजपा के आयोजन को राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह जनजातीय समाज को साधने की कवायद है। इससे पहले भोपाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जनजातीय सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे थे। अब प्रदेश सरकार ने टंट्या मामा बलिदान दिवस समारोह आयोजित कर जनजातीय समाज को साधने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। कहा जा रहा है कि इसकी पटकथा संगठनात्मक स्तर पर होने वाली बैठकों में ही तैयार कर ली गई थी। संगठन पदाधिकारियों ने ही कार्यक्रम की रणनीति तैयार की थी ताकि मप्र के बड़े वोट बैंक को साधा जा सके। पिछड़ा वर्ग के साथ ही अब भाजपा आदिवासी वोट बैंक को साध रही है। इसे 2023 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनावों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। यही वजह रही कि भाषण के दौरान सीएम ने आदिवासी वर्ग के हित में कई घोषणाएं की और भाजपा को आदिवासियों को हितैषी बताया। इतना ही नहीं यहां तक भी कहा कि कांग्रेस ने इस समाज के लिए कुछ नहीं किया। इस समाज के लिए मंत्रालय भी पहली बार अटलजी की सरकार में बना था।