महाकाल दर्शन करने जा रहे व्यापारियों की कार अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरी। कार के गेट खोलकर तीन लोगों को तो बाहर निकाल लिया लेकिन एक को नहीं बचाया जा सका। जब तक उसे बाहर निकाला तब तक दम घुटने से मौत हो चुकी थी।
घटना इंदौर-खंडवा रोड पर भेरूघाट स्थित भैरव मंदिर के पास हुई। कपड़ा व्यापारी राम पिता छोगालाल (30) निवासी सब्जी मंडी के पीछे सनावद अपने साथी महेंद्र, गणेश और विनोद के साथ महाकाल दर्शन के लिए रविवार रात को उज्जैन जा रहा था। सभी दोस्त कार में सवार होकर उज्जैन के लिए निकले। भैरव मंदिर के पास मोड़ पर चालक अन्य वाहन से ओवरटेक करने लगा और इसी दौरान कार से नियंत्रण खो दिया। अनियंत्रित होकर कार सड़क किनारे नाले में जा गिरी। जिस नाले में कार गिरी वहां नर्मदा पाइपलाइन का पानी जमा था, जिस कारण कार डूबने लगी। हादसे के बाद मार्ग से गुजर रहे लोगों ने ग्रामीणों और पुलिस को खबर दी। जैसे-तैसे कार का गेट खोलकर विनोद, महेंद्र और गणेश को बाहर निकाला मगर आगे की सीट पर बैठे राम की तरफ का गेट नहीं खुल सका। गेट खोलने की कोशिश की जाने लगी लेकिन तब तक कार में पानी भर गया था और राम का दम घुट गया। इससे उसकी मौत हो गई। तीनों घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया। पुलिस के अनुसार कार महेन्द्र चला रहा था और राम उसके पास सीट पर बैठा था। विनोद ओर गणेश पीछे बैठे थे। महेन्द्र ने पुलिस को बताया कि जिस नाले में कार उतरी थी, वहां पानी बहुत था। वह जब कार से निकले तो उन्हें राम नहीं दिखा। बाद में उसे जाकर देखा तो वह औंधे मुंह कार के अंदर ही पानी में पड़ा था। उसे कार से निकाला तो उसकी मौत हो चुकी थी। राम की सनावद में कपड़े की दुकान है। महेन्द्र भी कपड़ा व्यापारी है। विनोद की मिठाई की दुकान है।