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इंदौर: अवि और पलक को मिला प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, अवि से पीएम ने पूछा-मप्र के पानी में कोई विशेषता है, जो वहां इतने प्रतिभाशाली बच्चे हैं

Mon, 24 Jan 2022 05:20 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

प्रधानमंत्री ने इंदौर के दो बच्चों अवि शर्मा और पलक शर्मा को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से पुरस्कृत किया है। अवि शर्मा को वर्ष 2022 के लिये शैक्षिक उपलब्धि की श्रेणी में तथा पलक शर्मा को खेल की श्रेणी में यह पुरस्कार प्राप्त हुआ। 
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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पीएम ने की चर्चा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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इंदौर को एक और बड़ी उपलब्धि मिली है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंदौर के दो बच्चों अवि शर्मा और पलक शर्मा को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से पुरस्कृत किया है। अवि शर्मा को वर्ष 2022 के लिये शैक्षिक उपलब्धि की श्रेणी में तथा पलक शर्मा को खेल की श्रेणी में वर्ष 2021 का यह पुरस्कार प्राप्त हुआ। 
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प्रधानमंत्री मोदी ने पुरस्कार विजेता अवि शर्मा से संवाद भी किया। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) पुरस्कार विजेताओं को ब्लॉकचैन प्रौद्योगिकी के उपयोग के जरिये डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान किए। पुरस्कार विजेताओं को प्रमाण पत्र देने के लिए पहली बार इस तकनीक का उपयोग किया गया। इंदौर के एनआईसी कक्ष में इस मौके पर पुरस्कार विजेता बच्चों के परिजनों सहित कलेक्टर मनीष सिंह भी मौजूद थे।
दरअसल, भारत सरकार नवाचार, सामाजिक सेवा,शैक्षिक योग्यता, खेल, कला एवं संस्कृति और बहादुरी जैसी छह श्रेणियों में बच्चों को उनकी असाधारण उपलब्धि के लिए यह पुरस्कार प्रदान करती है। पुरस्कार विजेताओं को एक पदक, एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र दिए जाते हैं। नकद पुरस्कार तथा प्रमाण-पत्र विजेताओं को डिजिटल रूप से प्रदान किए गए। प्रधानमंत्री ने इंदौर के पुरस्कार विजेता अवि शर्मा से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से चर्चा की। उन्होंने पुरस्कार विजेता बच्चों को शुभकामनाएं देते हुये उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश की भूमि का असर है कि यहां प्रतिभाएं बाल्यकाल से ही निखरती है। उन्होंने कहा कि बड़े काम करने के लिए उम्र कोई छोटी नहीं होती है। उन्होंने कहा कि आजादी के 75वे वर्ष में यह पुरस्कार बच्चों को मिलना गौरव का विषय है। यह क्षण बच्चों के लिये हमेशा यादगार रहेगा। पुरस्कार के साथ बच्चों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। समाज की अपेक्षाएं भी इन बच्चों के प्रति बढ़ी है। उन्होंने कहा कि बच्चे अपेक्षाओं से दबाव नहीं प्रेरणा लें। दिल्ली से प्रसारित हुये इस कार्यक्रम का संचालन केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती स्मृति इरानी ने किया।
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अवि शर्मा - फोटो : सोशल मीडिया

पीएम ने पूछा- मप्र के पानी में कोई विशेषता है क्या
अवि शर्मा इंदौर के ओपन माइंड स्कूल में पढ़ते हैं। पिता का नाम अमित शर्मा और माता का नाम विनीता शर्मा है। बचपन से ही अवि की साहित्य और धर्म में रूचि है। 12 वर्षीय अवि ने बालमुखी रामायण लिखी है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसी से जुड़े सवाल पूछे। पीएम ने पूछा कि मप्र के पानी में कोई विशेषता है, जो वहां इतने प्रतिभाशाली बच्चे हैं। इस पर अवि का जवाब था कि मालवा की भूमि सुंदर है। जिसने लता मंगेश्कर जैसी हस्तियों को दिया है। दूसरा सवाल पूछा कि रामायण के संबंध में लिखने का ख्याल आपको सबसे पहले कब और कैसे आया। जवाब में अवि ने कहा कि इसके प्रेरणास्त्रोत आप ही रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान हम सभी बच्चे जब पूरी तरह से हताश हो गए थे, तब आपने टीवी पर रामायण प्रसारित करवाई। इस दौरान मैंने जब रामायण देखी तो मैं बहुत ज्यादा प्रेरित हुआ। मुझे लगा कि हम बच्चे भगवान श्रीराम के चरित्र को भूलते जा रहे हैं। इसलिए मैनें बालमुखी रामायण 250 छंदों में लिखी है। भगवान राम ने एक आदर्श स्थापित किया है। पीएम ने पूछा कि रामायण में वो कौन सा पात्र है, जो आपको बहुत ज्यादा प्रभावित करता है। अवि ने जवाब दिया कि  ऐसे तो सिर्फ मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ही हमारे आदर्श हैं। हम भगवान श्रीराम से सीख सकते हैं। इस तरह के अन्य सवाल पीएम ने पूछे जिसका अवि ने जवाब दिया।
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