मध्यप्रदेश के गुना जिला में पांच बंधुआ मजदूरों को कथित तौर पर गर्म तेल से सिक्का निकालने की सजा दी गई। ये मामला तब सामने आया जब पांचों मजदूर किसी तरह वहां से भाग निकले और उन्होंने जिला प्रशासन से इसके बारे में शिकायत की। इसके बाद प्रशासन ने वहां से 20 से ज्यादा लोगों को बचाया, जिनमें से 11 नाबालिग थे।
भागने के बाद शेरिया और बाकी मजदूर बंधुआ मजदूर लिबरेशन फ्रंट के जिलाध्यक्ष नरेंद्र भदौरिया से मिले, जिन्होेंने जिला प्रशासन से मदद ली। इस टीम ने 16 लोगों को बचाया, जिसमें पांच नाबालिग और एक महिला शामिल थी। भदौरिया ने बताया कि सरकारी सर्वे के मुताबिक, गुना जिले में 60 मजदूर बंधुआ मजदूरी के आधार पर काम करते हैं लेकिन हमारी जानकारी के मुताबिक, कम से कम पांच हजार लोग इसके तहत काम करते हैं।
कुछ मजदूरों को यहां से बचाया भी गया लेकिन मजबूरी में वो वापस फिर उसी जगह चले गए क्योंकि सरकार उन्हें पर्याप्त पुर्नवास की सुविधा नहीं दे पाई और उन्हें रोजगार नहीं दिया। राघोगर पुलिस स्टेशन के एसएचओ एमएम मालवीय ने कहा कि हम मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं और उसके आधार पर कंजर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।