मध्य प्रदेश में व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) में शिक्षकों की भर्ती में धांधली की आंच अब कई बड़े नामों को निगलने जा रही है।
पूर्व उच्च शिक्षामंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा और कांग्रेस की ओर से विधानसभा चुनाव लड़ चुके संजीव सक्सेना की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की एक टीम दिल्ली जाएगी। लक्ष्मीकांत शर्मा के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (ओएसडी) को निलंबित कर दिया गया है।
वहीं राज्यपाल के ओएसडी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के खिलाफ मंगलवार को एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इस प्रकरण में अब तक 130 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
कांग्रेस ने सीबीआई जांच की मांग की
राज्य में करारी हार से निराश पड़ी कांग्रेस को बड़ा हथियार मिल गया है। कांग्रेस ने विधानसभा का सत्र शुरू होते ही सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह एक बड़ा घोटाला है और पूरा मामला सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए।
कांग्रेस विधायक सत्यदेव कटारे का कहना है, ‘पूरा घोटाला इतना व्यापक है और मुख्यमंत्री निवास से भी इसमें दखलंदाजी होती रही है, उसे देखते हुए राज्य सरकार इसकी निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती। अब इस मामले को सीबीआई जांच के लिए सौंप दिया जाना चाहिए।’
राज्य सरकार सीबीआई जांच नहीं कराने की दशा में इसे भविष्य में अपने हमले का मुख्य हथियार बनाने जा रही है।
कटारे बताते हैं, ‘हजारों की संख्या में लोगों के साथ धोखा हुआ है। जो काबिल थे, उन्हें नहीं चुना जा सका। यदि राज्य सरकार इस मामले में सीबीआई जांच नहीं कराती है तो कांग्रेस पूरे मामले को हाईकोर्ट में ले जाकर पीड़ितों को न्याय दिलाने का संघर्ष करने को तैयार है।’
प्राप्त जानकारी के अनुसार एसटीएफ ने जो दो मामले दर्ज किए उन दोनों में ही लक्ष्मीकांत शर्मा को आरोपी बनाया गया है। व्यापम के पूर्व परीक्षा नियंत्रक पंकज त्रिवेदी, प्रिंसीपल सिस्टम एनालिस्ट नितिन महिंद्रा, सीनियर सिस्टम एनालिस्ट अजय सेन, असिस्टेंट प्रोग्रामर चंद्रकांत मिश्रा, लक्ष्मीकांत शर्मा के ओएसडी ओपी शुक्ला के साथ ही 130 परीक्षार्थियों को भी आरोपी बनाया गया है।
संविदा शिक्षक भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी का खुलासा व्यापमं के प्रिंसीपल सिस्टम एनालिस्ट नितिन महिंद्रा के कंप्यूटर की हार्डडिस्क से हुआ है। एलटीएफ के एडीजी सुधीर साही पहले ही कह चुके हैं कि जिसके भी खिलाफ साक्ष्य मिलेंगे, उसकी गिरफ्तारी होगी।
जीरो टॉलरेंस का क्या होगा
लक्ष्मीकांत शर्मा के खिलाफ एफआईआर होने के बाद सवाल खड़ा हो गया है कि क्या मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस रख पाएंगे यानी भ्रष्टाचार बिलकुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह सवाल भी राजनीतिक हलकों में उठ रहा है कि मुख्यमंत्री इस जांच को आगे किस स्तर तक ले जाते हैं, क्य़ोंकि इसमें और भी कई बड़े लोग झुलस सकते हैं।
राज्यपाल के ओएसडी धनराज यादव का नाम भी एफआईआर में शामिल किया गया है। धनराज यादव ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस हलकों में यह कहा जा रहा है कि संजीव सक्सेना और राज्यपाल के ओएसडी धनराज यादव का नाम शामिल करके यह दिखाया जा रहा है कि पूरा मामला भाजपा तक सीमित नहीं है। पूर्व परीक्षा नियंत्रक पंकज त्रिवेदी ने पूछताछ में बताया है कि मंत्री के यहां से उन लोगों के नाम आते थे, जिन्हें भर्ती कराना होता था। मंत्री के यहां से उन लोगों के लिए कोई पैसा नहीं आता था।
कॉल डिटेल्स में छिपे हैं रहस्य
एसटीएफ अभी साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है लेकिन कंप्यूटर की हार्ड डिस्क और कॉल डिटेल्स को सबसे अहम सुराग माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि पंकज त्रिवेदी के फोन के कॉल डिटेल्स में कई प्रमुख पदों पर आसीन लोगों के फंसे होने का अंदेशा है। सूत्रों का कहना है कि प्रमुख पदों पर आसीन व्यक्तियों के रिश्तेदारों के फोन का भी पता कॉल डिटेल्स के जरिए लगाया जा रहा है।