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मध्यप्रदेश उपचुनाव: हाईकोर्ट ने खारिज की टालने की मांग वाली याचिका, कहा- चुनाव कराना निर्वाचन आयोग का अधिकार

Wed, 22 Sep 2021 10:46 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

मध्यप्रदेश में होने वाले उप चुनाव को स्थगित करने की मांग करने वाली एक याचिका उच्च न्यायालय ने खारिज कर दी है। अदालत के इस निर्णय के बाद उप चुनावों का रास्ता साफ हो गया है। अदालत ने चुनावों के आयोजन के लिए निर्वाचन आयोग के निर्णय को सर्वोच्च बताया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्यप्रदेश में तीन विधानसभा और एक लोकसभा क्षेत्र में उप चुनाव को टालने की मांग करने वाली एक याचिका को उच्च न्यायालय की खंड पीठ ने बुधवार को खारिज कर दिया। पीठ ने अपने आदेश में कहा कि निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और चुनाव कराना उसका अधिकार है। उप चुनावो का आयोजन कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन करते हुए किया जाएगा। 

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राज्य के पृथ्वीपुर, जोबट व राजगढ़ विधानसभा और खंडवा लोकसभा क्षेत्र में उप चुनाव होने हैं। अदालत के इस फैसले के बाद यहां उप चुनाव का रास्ता अब साफ हो गया है। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायाधीश विजय शुक्ला की खंड पीठ ने कहा कि चुनाव कब और कैसे हो यह फैसला चुनाव आयोग की करेगा, हाईकोर्ट इसमें दखल नहीं देगा।

सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग ने भी अपना जवाब दाखिल किया। आयोग ने पीठ को बताया कि राज्य में उप चुनावों के लिए दिशानिर्देश जारी किए जा चुके हैं। आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कोरोना वायरस महामारी की तीसरी लहर की आशंका समाप्त होने के बाद ही चुनाव कराए जाएंगे। राज्य सरकार ने निर्वाचन आयोग से उप चुनाव त्योहारी सीजन के बाद कराने को कहा है।
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यह याचिका नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजरपांडे और रजत भार्गव की ओर से दाखिल की गई थी। इसमें कोरोना वायरस महामारी के दौरान उप चुनाव आयोजित कराने पर आपत्ति जताई गई थी। याचिका में कहा गया था कि राज्य में एक लोकसभा व तीन विधानसभा क्षेत्रों में उप चुनाव होने वाले हैं और विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई है।

याचिका में कहा गया था कि महामारी के बीच चुनाव आयोजित करने से कोरोना संकट एक बार फिर गंभीर हो सकता है। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि वह उप चुनाव तभी करवाएगा जब कोरोना की तीसरी लहर का खतरा समाप्त हो जाएगा। इसने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी की तीसरी लहर का जमीनी स्तर पर आकलन करने के बाद ही चुनाव पर फैसला किया जाएगा।

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