जबलपुर में डाक विभाग की गलती की वजह से एक युवक सिविल जज की मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो सका। उसने प्राथमिक परीक्षा पास कर ली थी। सिविल जज की मुख्य परीक्षा में शामिल होने से वंचित शख्स ने हाईकोर्ट में याचिका की पीठ ने सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को सिविल जज की मुख्य परीक्षा में शामिल करने का आदेश दिया है।
धार निवासी दीपक अलावा की तरफ से दायर याचिका में कहा गया कि सिविल जज के लिए आयोजित प्राथमिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 18 अगस्त थी। 14 अगस्त को उन्होंने अपना आवेदन रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिए भेज था। हाईकोर्ट प्रबंधन को उसका आवेदन 19 अगस्त को प्राप्त हुआ। 18 अगस्त अंतिम तारीख होने की वजह से वह मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो सका। याचिका में कहा गया कि आवेदन दो दिन में डाक के जरिए मिल जाना चाहिए था। लेकिन वह डाक विभाग की गलती की वजह से नहीं पहुंच पाया।
जिसमें उसकी कोई गलती नहीं है। वह परीक्षा से शामिल होने से वंचित हो गया। याचिका में कहा गया है कि उसे मुख्य परीक्षा में शामिल करने की राहत दी जाए। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद आदेश जारी करते हुए शख्स को मुख्य परीक्षा में शामिल कराने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता हितेंद्र कुमार गोहलानी ने पैरवी की।