लगातार बारिश के बाद मध्य प्रदेश के कई जिले भी बाढ़ से जूझ रहे हैं। भारी बारिश के चलते सीहोर और आष्टा में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।
दमोह और सागर में भी स्थितियां खराब हैं। पार्वती और पपनास नदियों ने विकराल रूप धारण कर लिया है। पुल पानी में डूब चुके हैं और कई रिहायशी इलाकों में पानी भर चुका है।
नर्मदा का जलस्तर सेठानीघाट पर केवल 12 घंटे में ही 11 फीट बढ़ा है। हालांकि नर्मदा का जलस्तर अभी खतरे के निशान से 10 फीट नीचे है।
पिपरिया-पचमढ़ी के रास्ते में मटकुली के पास देनवा नदी देर उफान पर आ गई है। इधर, उज्जैन में 18 घंटों में 5 इंच बारिश हुई। छोटा पुल भी देर शाम को जलमग्न हो गया।
डिंगरोदा में उज्जैन-मक्सी मार्ग तथा ढाबला में उज्जैन-आगर मार्ग बंद होने से लंबा जाम लग गया।
इंदौर भी पानी से तरबतर हो गया। मौसम विभाग के अनुसार बीती रात 11.30 बजे तक 6 इंच बारिश हुई। अभी तक कुल 21 इंच बारिश हुई है। इस मौसम में पहली बार बादल लगातार बरसे।