हम होंगे कामयाब अभियान को लेकर हुई बैठक
मध्यप्रदेश सरकार ने जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम के लिए सभी जिलों में विशेष जागरूकता अभियान 'हम होंगे कामयाब' शुरू किया है। यह पखवाड़ा अभियान 25 नवंबर से प्रारंभ हुआ है और 10 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान कई जागरूकता से संबंधित गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इस महत्वपूर्ण अभियान को हरदा जिले में सफल बनाने के लिए, जिला कलेक्टर आदित्य सिंह ने बुधवार को जिला स्तरीय बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ समिति की बैठक के दौरान कई निर्देश जारी किए। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को इस अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।
बैठक में जिला कलेक्टर आदित्य सिंह ने बताया कि सरकार ने जेंडर हिंसा की रोकथाम के लिए आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से यह अभियान शुरू किया है। साथ ही, कलेक्टर ने बाल विवाह रोकने और लिंगानुपात में सुधार के लिए भी विशेष जागरूकता अभियान शुरू करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने बैठक में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान से संबंधित शपथ भी दिलाई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सविता झानिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच. पी. सिंह और जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास संजय त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारियों ने इस शपथ को दोहराया।
कुपोषण और पोषण स्तर पर विशेष ध्यान
बैठक में कलेक्टर सिंह ने आंगनबाड़ी केंद्रों के कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराने के निर्देश दिए। साथ ही, पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चों की माताओं को मिलने वाली मजदूरी का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर दिया। आंगनबाड़ी केंद्रों में दर्ज बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण को समय पर कराने तथा केंद्रों को बच्चों के अनुकूल और अधिक आकर्षक बनाने के लिए निर्देशित किया गया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की राशि हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए। यह प्रशिक्षण डाटा फीडिंग और विभागीय गतिविधियों की जानकारी के लिए आवश्यक होगा। इसके अलावा, जिन आंगनबाड़ी केंद्रों में भूमि उपलब्ध है, वहां पोषण वाटिका विकसित करने की भी सलाह दी गई।
हम होंगे कामयाब अभियान को लेकर हुई बैठक