मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की छवि बच्चों के दुलारे मामा की है तो अपराधियों के खिलाफ सख्त प्रशासक 'टाइगर' की। बुधवार को उनका एक अलग ही चेहरा सामने आया। उन्होंने टीटी नगर के मॉडल स्कूल पहुंचकर बच्चों के बीच मास्टर की भूमिका निभाई। मास्टर भी बने और कहानी सुनाने वाले भी। उन्होंने आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान हर घर तिरंगा अभियान के तहत बच्चों को तिरंगे के सफर की कहानी सुनाई। उन्हें बताया कि तिरंगा मौजूदा स्वरूप में कैसे पहुंचा। 1906 से 1947 तक तिरंगे की यात्रा कैसी रही।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को मॉडल स्कूल पहुंचे। दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। शिवराज मामा की पाठशाला कार्यक्रम में सीएम ने राष्ट्रीय ध्वज की विकास गाथा, महत्व और ध्वज फहराने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और उसमें आए बदलाव के बारे में बच्चों को बताया।
सीएम ने बच्चों को बताया कि हमारा देश आपसी फूट के कारण गुलाम बना था। इसकी आजादी के लिए अनेक क्रांतिकारियों ने अपना बलिदान देकर हमें स्वतंत्र कराया। अपने जीवन में इन बलिदानियों को याद रखें। इनसे प्रेरणा लें। आज देश को मरने की नहीं जीने की जरूरत है।