नौकरी छोड़कर शुरू की यूपीएससी की तैयारी
मां राधा बंसल के अनुसार, आयुषी की शुरुआती पढ़ाई ग्वालियर के एक प्राइवेट कॉन्वेंट स्कूल में हुई। हायर सेकेंडरी के बाद आयुषी ने दिल्ली के एक प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ाई करने की इच्छा जताई। परिवार के यह कठिन और बड़ा फैसला था, क्योंकि इससे पहले आयुषी कहीं अकेले नहीं रह थी। हालांकि, मां ने आयुषी का साथ दिया और वे दिल्ली चली गईं। इसके बाद आयुषी ने आईआईटी कानपुर से ग्रेजुएशन किया और फिर दो प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी की। लेकिन, बाद में नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी में लग गईं। आयुषी ने यूपीएससी-2023 में 97वीं और 2022 में 188वीं रैंक हासिल की। इसके बाद उनका चयन आईपीएस के लिए हो गया। हालांकि, आयुषी इससे खुश नहीं थी, उसे आईएएस ही बनना था। ऐसे में अपने सपने को साकार करने के लिए उसने और मेहनत के साथ तैयारी की। जिसके दम पर आयुषी ने सिविल सेवा परीक्षा 2024 में सातवीं रैंक हासिल की है।
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नक्सल प्रभावित क्षेत्र में चल रही आयुषी की ट्रेनिंग
आयुषी की ऐतिहासिक सफलता पर उनकी मां राधा बंसल ने कहा कि यह सब बेटी की मेहनत और भगवान की कृपा का फल है। उन्होंने बताया कि आयुषी अभी आईपीएस की ट्रेनिंग कर रही है और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में है।
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मां ने किया संधर्ष
वहीं, अपनी सफलता पर आयुषी कहती हैं कि जितना संघर्ष उनका रहा है, उससे कहीं अधिक संघर्ष उनकी मां का रहा है। उन्होंने समाज से लड़कर मुझे पढ़ाया-लिखाया और इस मुकाम तक पहुंचाया है। आज मैं जो कुछ भी हूं, अपनी मां के कारण ही हूं।
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