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एमपी: सांसद भारत सिंह कुशवाह बुलाने पहुंचे, इमरती देवी नहीं गईं मंच पर; बोलीं- ‘मैं अपनी मर्जी की मालिक हूं’

Sat, 19 Sep 2026 09:42 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

ग्वालियर में भाजपा नेता इमरती देवी ने मंच पर जाने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मंच पर हत्यारे और हत्या के आरोपी बैठे हैं। सांसद भारत सिंह कुशवाह के बुलाने पर भी वे कार्यकर्ताओं के बीच बैठी रहीं।
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इमरती देवी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री इमरती देवी एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। ग्वालियर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मंच पर मौजूद कुछ लोगों को लेकर तीखी टिप्पणी की। खास बात यह रही कि कार्यक्रम में मौजूद ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह खुद मंच से नीचे आए और इमरती देवी को मंच पर आने के लिए आमंत्रित किया, लेकिन उन्होंने मंच पर जाने से इनकार कर दिया और कार्यकर्ताओं के बीच ही बैठी रहीं।

मामला सेवा संकल्प अभियान के तहत जलसा गार्डन में आयोजित ‘मेरा सपनों का भारत—चित्र सेवा’ कार्यक्रम का है। कार्यक्रम के मंच पर भाजपा के कई नेता और पदाधिकारी मौजूद थे। वहीं, कार्यक्रम के बैनर में इमरती देवी की तस्वीर नहीं होने की बात भी सामने आई। इसी दौरान सांसद भारत सिंह कुशवाह ने उनसे मंच पर आने का आग्रह किया, लेकिन इमरती देवी मंच पर जाने के बजाय कार्यकर्ताओं के बीच बैठी रहीं।

कार्यक्रम के दौरान सांसद भारत सिंह कुशवाह माइक लेकर इमरती देवी को मंच पर बुलाने पहुंचे। उन्होंने उनसे मंच पर आने का आग्रह किया, लेकिन इमरती देवी ने मंच साझा नहीं किया। बाद में जब उनसे नाराजगी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह किसी से नाराज नहीं हैं।

इमरती देवी ने खुद को भाजपा और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि उन्हें कार्यकर्ताओं के बीच बैठना ज्यादा पसंद है। उन्होंने कहा कि मंच पर मौजूद लोग ‘बड़े लोग’ हैं और वह उनके बीच बैठने के बजाय कार्यकर्ताओं के साथ रहना पसंद करती हैं।

मंच पर नहीं जाने की वजह पूछे जाने पर इमरती देवी ने मौजूद लोगों को लेकर गंभीर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “मंच पर हत्यारे और हत्या के आरोपी भी बैठे हुए हैं।” उन्होंने ऐसे लोगों के साथ मंच साझा करने पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह अच्छे लोगों के साथ बैठना पसंद करती हैं।

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इमरती देवी के इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम लेकर सीधे तौर पर कोई आरोप नहीं लगाया, लेकिन उनके बयान को कार्यक्रम में मौजूद कुछ नेताओं और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।

कार्यक्रम के बैनर में अपनी तस्वीर नहीं होने और मंच पर नहीं जाने के सवाल पर इमरती देवी ने कहा, “मैं अपनी मर्जी की मालिक हूं।” उन्होंने राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव की ओर इशारा करते हुए कहा कि समय सभी का बदलता है। पहले किसी और का समय था, अब किसी और का है और आगे किसी और का होगा।

कार्यक्रम में सांसद भारत सिंह कुशवाह के अलावा जिला भाजपा अध्यक्ष प्रेम सिंह राजपूत, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष अमरदीप औलख, कुक्कुट विकास निगम के अध्यक्ष केशव बघेल, पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र जैन, महिला मोर्चा अध्यक्ष रानी देवी कुशवाह, नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मी देवी राजा और संगीतज्ञ साधु तिवारी सहित कई नेता मौजूद थे।

इमरती देवी के बयान के बाद स्थानीय राजनीति में पुराने विवाद भी चर्चा में आ गए हैं। उन्होंने मंच के पीछे बैठे नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मी देवी राजा के बेटे जीतू राजा की ओर भी इशारा किया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जीतू राजा का नाम वर्ष 2021 में डबरा क्षेत्र में हुई एक हत्या के मामले में आरोपी के रूप में सामने आया था।

18 नवंबर 2021 को डबरा थाना क्षेत्र के इस्लामपुर में विवाद के दौरान कमल सिंह गुर्जर की गोली लगने से मौत हुई थी। इस मामले में पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया था। इसी प्रकरण में बंटी उर्फ जीतू राजा का नाम भी आरोपी के तौर पर दर्ज होने की बात कही गई है।

इमरती देवी और नगर पालिका अध्यक्ष के बीच पहले भी राजनीतिक मतभेद सामने आते रहे हैं। ऐसे में कार्यक्रम के दौरान दिए गए उनके बयान को इसी पुराने राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इमरती देवी ने अपने वक्तव्य में किसी व्यक्ति का नाम लेकर सीधे तौर पर हत्या का आरोप नहीं लगाया।

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