मध्यप्रदेश में चुनावी बिसात बिछ चुकी है। कांग्रेस ने प्रदेश की 230 तो भाजपा ने 228 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। आगामी 17 नवबंर को प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। चुनाव से पहले अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' प्रदेशभर के मतदाताओं का मन टटोलने निकला है। 25 अक्तूबर को अमर उजाला का चुनावी रथ मुरैना पहुंचा था, वहीं आज हमारा कारवां ग्वालियर पहुंच चुका है। जहां सुबह-सुबह चुनावी चौपाल सजी और ग्वालियर वासियों से चाय के साथ ही चुनावी मुद्दों पर चर्चा की गई।
अमर उजाला से चर्चा में श्रीकांत शर्मा का कहना है कि ग्वालियर में बेरोजगारी चरम पर हैं। पटवारी परीक्षा में घोटालेबाजी से युवाओं के सामने रोजगार का संकट है। राजेश कहते हैं कि क्षेत्र में रोजगार का संकट है जनता भूखी मर रही है। 15 साल की भाजपा की सरकार को बदला था, लेकिन 22 लोगों ने भाजपा का दामन थामकर फिर जनादेश को बदल दिया।
सीताराम परमार कहते हैं कि इस बार मतदान विकास के नाम पर किया जाएगा। लोकेंद्र सिंह चौहान कहते हैं कि ग्वालियर में उद्योग नहीं आ पाए हैं। भ्रष्टाचार दोनों पार्टियों ने किया है। हालांकि ग्वालियर में विकास भी हुआ है, नालियां भी बनीं हैं। पार्क भी बनाए गए हैं। तरुण कुमार कहते हैं कि इस बार ग्वालियर की जनता बदलाव के मूड में हैं। इस बार यहां कांग्रेस का पलड़ा भारी है। जितेंद्र सिंह भदौरिया कहते हैं कि विकास रोजगार से होता है। ग्वालियर चंबल संभाग में 1963 में यहां काफी उद्योग धंधे थे, क्षेत्र का विकास हुआ। लेकिन आज ग्वालियर चंबल संभाग में उद्योग धंधे नहीं हैं।