फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अक्षया यादव हत्याकांड: पूर्व DGP की नातिन की गोली मारकर हत्या करने वाले चार को उम्रकैद, सहेली को मारने आए थे

Wed, 22 Jul 2026 09:44 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

ग्वालियर के बहुचर्चित अक्षया यादव हत्याकांड में जिला अदालत ने तीन साल बाद चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन ने 26 गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध किया। चार नाबालिगों का मामला किशोर न्याय बोर्ड में लंबित है।
विज्ञापन
ग्वालियर जिला न्यायालय ने सुनाई फैसला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ग्वालियर के बहुचर्चित अक्षया यादव हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने करीब तीन साल बाद बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले में दोषी पाए गए बाला सुरवे, पृथ्वीराज चौहान, उपदेश रावत और सुमित रावत को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला बुधवार को सुनाया गया। वहीं, इस प्रकरण में शामिल चार नाबालिग आरोपियों के मामले की सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में अलग से जारी रहेगी।

विज्ञापन


यह मामला जुलाई 2023 में माधौगंज थाना क्षेत्र के बेटी बचाओ चौराहे के पास हुई फायरिंग से जुड़ा है। घटना के समय अक्षया यादव अपनी सहेली के साथ स्कूटी से जा रही थीं। पुलिस जांच में सामने आया था कि हमलावरों का निशाना अक्षया नहीं, बल्कि उनकी सहेली थी। फायरिंग के दौरान चली गोली अक्षया को लग गई। गंभीर हालत में सहेली उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

ये भी पढ़ें- MP विधानसभा: 'कीड़ा' टिप्पणी पर घमासान, रिकॉर्ड देखने के बाद स्पीकर बोले- विजयवर्गीय ने यह शब्द नहीं कहा
विज्ञापन


अक्षया यादव मध्यप्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुरेंद्र सिंह यादव की नातिन थीं। इस कारण यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना रहा। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था और मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई थी।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए। अतिरिक्त जिला लोक अभियोजक कुलदीप दुबे ने बताया कि अभियोजन ने 26 गवाहों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्य और अन्य प्रमाण अदालत के समक्ष पेश किए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी मानते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में चार नाबालिग आरोपी भी शामिल हैं। चूंकि उनका मामला किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष विचाराधीन है, इसलिए जिला अदालत ने उनके संबंध में कोई फैसला नहीं सुनाया है। नाबालिग आरोपियों के मामले की सुनवाई अलग से जारी रहेगी।
विज्ञापन


करीब तीन साल बाद आए इस फैसले को न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। अदालत के निर्णय के बाद पीड़ित पक्ष ने इसे न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया है, जबकि अब सभी की नजर किशोर न्याय बोर्ड में लंबित नाबालिग आरोपियों के मामले पर टिकी है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें