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मध्य प्रदेश: ग्वालियर में कलेक्टर का बड़ा एक्शन, 19 पटवारी सस्पेंड; जानें किन गलतियों पर गिरी गाज

Fri, 09 Oct 2026 05:22 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

ग्वालियर में कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर 19 पटवारियों को निलंबित किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कामकाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जानिए किन कारणों के चलते यह कार्रवाई की गई है...
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ग्वालियर कलेक्टर रुचिका सिंह ने 19 पटवारी सस्पेंड किए - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सरकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर 19 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। फार्मर रजिस्ट्री, स्वामित्व योजना की ई-केवाईसी, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों और राजस्व न्यायालयों से जुड़े मामलों में लापरवाही को कार्रवाई की वजह बताया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हलचल तेज हो गई है।

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सरकारी योजनाओं में लापरवाही पर प्रशासन का एक्शन
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सरकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर जिले के 19 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। फार्मर रजिस्ट्री, स्वामित्व योजना की ई-केवाईसी, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों और राजस्व न्यायालयों से जुड़े प्रकरणों में देरी को इस कार्रवाई की प्रमुख वजह बताया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हलचल तेज हो गई है।

फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी में पिछड़ने पर कार्रवाई
जिला प्रशासन की समीक्षा में फार्मर रजिस्ट्री और स्वामित्व योजना के तहत ई-केवाईसी के कार्यों की प्रगति असंतोषजनक पाई गई। ये कार्य शासन की प्राथमिकताओं में शामिल हैं और इनका सीधा संबंध किसानों तथा आम नागरिकों से है। निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा नहीं होने के चलते संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है।
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सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें लंबित रखना पड़ा भारी
आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए संचालित सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं करना भी पटवारियों के लिए भारी पड़ा। शिकायतों को लंबे समय तक लंबित रखने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रशासन ने इस तरह की लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की।

राजस्व न्यायालयों के मामलों में रिपोर्ट देने में भी देरी
कार्रवाई की एक अन्य वजह राजस्व न्यायालयों में चल रहे मामलों में समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करना बताया गया है। इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करने और सरकारी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा नहीं करने जैसी लापरवाहियां भी सामने आईं।

कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम ने जारी किए निलंबन आदेश
कलेक्टर रुचिका चौहान के सख्त निर्देशों के बाद संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) ने 19 पटवारियों के निलंबन के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े कार्यों और शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अब कामकाज में सुधार पर रहेगी प्रशासन की नजर
जिला प्रशासन ने राजस्व अमले को समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण काम सुनिश्चित करने का संदेश दिया है। साथ ही संकेत दिया है कि भविष्य में भी कामकाज में लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब इस कार्रवाई के बाद निगाहें इस बात पर रहेंगी कि फार्मर रजिस्ट्री, ई-केवाईसी और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में कितनी तेजी आती है। प्रशासन की इस सख्ती से राजस्व विभाग के कामकाज में सुधार लाने और आम लोगों को समय पर राहत दिलाने की चुनौती भी सामने है।

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