मध्यप्रदेश के ग्वालियर में धोखाधड़ी से शादी करने का मामला सामने आया है। एक शख्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए एक महिला से दोस्त की और उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा। शख्स ने महिला को अपना नाम अरमान झा बताया।
अरमान ने लड़की के घरवालों को बताया कि वो अनाथ है। हालांकि अरमान ने लड़की से शादी हिंदू रीति-रिवाज से की लेकिन लड़की के परिजनों को इस बात से तसल्ली नहीं हुई तो अरमान ने नोटरी वकील के स्टांप पर विवाह को नोटराइज्ड भी कराया। बाद में किसी ना किसी तरह से लड़की के परिजनों को इस धोखे के बारे में पता चला तो उन्होंने इसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
जब ये मामला मध्यप्रदेश के हाईकोर्ट में पहुंचा तो कोर्ट ने मामले को लेकर राज्य सरकार को फटकारा, जिसके बाद सरकार ने नोटरी से होने वाले विवाह और तलाश को अवैध करार कर दिया। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब तीन तरह से ही की गई शादी को अवैध माना जाएगा।
ये तीन तरीके हैं- कोर्ट मैरिज, पंडित की उपस्थिति में हिंदू विवाह अधिनियम के तहत की गई शादी (जिसका प्रमाण पत्र नगर निगम द्वारा तैयार किया जाता है) और तीसरा, आर्य समाज द्वारा संस्था की ओर से कराया गया विवाह। इस मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने नोटरी वकीलों के विवाह और तलाक के दस्तावेज को नोटराइज्ड करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी।
इसके बाद राज्य सरकार के विधि और विधायी कार्य विभाग ने एक आदेश जारी किया है और इस आदेश के अनुसार नोटरी वकीलों की ओर से विवाह और तलाक संबंधी दस्तावेज को नोटरी करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इस आदेश के बाद अब सिर्फ तीन तरीकों से ही किए गए विवाह को मान्यता मिलेगी।