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Gwalior News: वकील सुसाइड मामला, प्रेमिका सब इंस्पेक्टर और आरक्षक पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज

Wed, 07 Jan 2026 10:31 AM IST
ग्वालियर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

Lawyer Suicide Case: ग्वालियर के वकील मृत्युंजय सिंह चौहान की आत्महत्या मामले में 22 दिन बाद पुलिस ने सब इंस्पेक्टर प्रीति जादौन और आरक्षक अराफात खान पर एफआईआर दर्ज की है। दोनों पर मानसिक प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप हैं।
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वकील सुसाइड मामले में 22 दिन बाद एफआईआर दर्ज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ग्वालियर के वकील मृत्युंजय सिंह चौहान की आत्महत्या के मामले में गोला का मंदिर थाना पुलिस ने 22 दिन बाद बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मुरैना पुलिस में पदस्थ सब इंस्पेक्टर प्रीति जादौन और आरक्षक अराफात खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। दोनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हैं।

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सोशल मीडिया स्टेटस बना जांच का अहम आधार
15 दिसंबर को आत्महत्या से पहले वकील मृत्युंजय सिंह चौहान ने अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर लिखा था कि प्रेम में मृत्यु है, लेकिन मुक्ति नहीं। इस स्टेटस पर कथित प्रेमिका एसआई प्रीति जादौन की ओर से ‘ब्लेस’ कमेंट किया गया था, जिसे पुलिस जांच में महत्वपूर्ण तथ्य के रूप में देखा जा रहा है।
 
सरप्राइज देने पहुंचे थे, सामने आई आपत्तिजनक स्थिति
बताया गया है कि 15 दिसंबर को वकील अपनी प्रेमिका को सरप्राइज देने मुरैना स्थित उसके शासकीय क्वार्टर पहुंचे थे। वहां उन्होंने एसआई प्रीति जादौन को एक आरक्षक के साथ आपत्तिजनक अवस्था में देख लिया। इसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके दौरान झगड़ा और मारपीट भी हुई।
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पुलिस कार्रवाई से आहत हुआ वकील
परिजनों के अनुसार, इस घटना के बाद एसआई प्रीति जादौन के प्रभाव के चलते मुरैना में वकील के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया गया। वकील ने इस संबंध में सिविल लाइन थाना और सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन कहीं भी उसकी बात नहीं सुनी गई।

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घर में फांसी लगाकर की आत्महत्या
14 और 15 दिसंबर की दरम्यानी रात ग्वालियर के आदर्शपुरम स्थित अपने घर में वकील मृत्युंजय सिंह चौहान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कमरे से सिविल लाइन थाना को संबोधित एक आवेदन मिला, जिसे अघोषित सुसाइड नोट माना जा रहा है। इसमें 12 दिसंबर को मुरैना पुलिस लाइन के सरकारी क्वार्टर में हुई घटना का जिक्र था।
 
वरिष्ठ अधिकारियों को दी थी जानकारी
आवेदन के अनुसार, मारपीट की घटना के बाद वकील ने एसआई प्रीति जादौन के मोबाइल से मुरैना जिले के एसपी, एएसपी और सीएसपी को सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके विपरीत, वकील के खिलाफ ही मामला दर्ज किया गया।
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पुलिस जांच जारी
एएसपी अनु बेनीवाल ने बताया कि वकील मृत्युंजय सिंह के आत्महत्या मामले में मुरैना में पदस्थ एक सब इंस्पेक्टर और एक आरक्षक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।


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