कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीते छोड़े गए थे, जो वहां पर रह रहे हैं। वहीं, कूनो नदी से ही लगे हुए रणथंभौर नेशनल पार्क की सीमा भी यही नदी तय करती है। ऐसे में कई बार रणथंभौर में रहने वाले बाघ भी कूनो में आ जाते हैं।
डीएफओ थिरुकुरल आर ने बताया कि कूनो में बाघ के होने की बात सही हो सकती है। क्योंकि हाल ही में बाघ के फुट मार्क यहां मिले हैं। वहीं, उनका कहना है कि इससे चीतों को कोई खतरा नहीं है। क्योंकि फुट मार्क मिलने की लोकेशन चीतों के बड़े-बाड़े से तकरीबन आठ किलोमीटर की दूरी पर बताई जा रही है।
बता दें कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बाघ को कूनो नेशनल पार्क में घूमते हुए पर्यटकों के कैमरे में कैद होना दिखाया जा रहा है। हालांकि, इस वीडियो की पुष्टि विभाग द्वारा नहीं की गई है। लेकिन आला अधिकारियों की माने तो बाघों का आना-जाना यहां होता रहता है। ऐसे में कूनो में रहने वाले चीतों को बड़े बाड़े में रखा गया है, जो कि पूरी तरह से सुरक्षित है। लेकिन इसका खामियाजा पर्यटकों को उठाना पड़ रहा है।
क्योंकि पर्यटक चीतों के बड़े के आसपास भी नहीं पहुंच सकते और न ही बाड़े के पास जाने की इन्हें अनुमति होती है। फिलहाल, वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग की टीम वीडियो की पुष्टि तो नहीं कर रही। लेकिन बाघ की तलाश में जरूर जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि कूनो नेशनल पार्क में खुले जंगल में घूम रहे सभी चीतों को जिसमें छह नर और पांच मादा शामिल हैं। उन्हें बड़े बाड़े में ट्रेंकुलाइज करके शिफ्ट किया गया है, वहीं चार चीते अभी खुले जंगल में है।