सत्येंद्र सिंह लोहिया करेंगे बाइक यात्रा
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देश के अंतरराष्ट्रीय पैरा स्विमर खिलाड़ी सत्येंद्र सिंह लोहिया दिव्यांग जनों को खेलों के प्रति जागरूक करने के लिए एक बड़ी यात्रा करने जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय पैरा स्वीकार दिव्यांग सत्येंद्र सिंह लोहिया कन्या कुमारी से कश्मीर तक 3450 किलोमीटर की बाइक यात्रा करेंगे। इस यात्रा के जरिए दिव्यांग जनों को खेलों से जोड़ना, जानकारी देना और उन्हें प्रेरित करना है। सत्येंद्र सिंह लोहिया की इस यात्रा की शुरुआत बाबा भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल को होगी। सत्येंद्र सिंह ने बताया है कि यह देश की पहली सबसे बड़ी ऐतिहासिक एक दिव्यांग खिलाड़ी के द्वारा यात्रा की शुरुआत है। विक्रम अवार्ड से सम्मानित सत्येंद्र सिंह लोहिया अंतरराष्ट्रीय पैरा स्विमर खिलाड़ी हैं, जो इंग्लिश और कैटरीना चैनल पार कर चुके हैं।
अंतरराष्ट्रीय पैरा स्विमर सत्येंद्र सिंह लोहिया ने बताया है कि इस यात्रा की शुरुआत 14 अप्रैल को की जाएगी और इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग जनों को खेलों से जोड़ना और उसकी जानकारी उपलब्ध कराना। इसके साथ ही दिव्यांग जनों को अपनी क्षमता और सम्मान के प्रति जागरूक करना है, उन्होंने बताया है कि दिव्यांगजन खिलाड़ी जो हार मान जाते हैं, ऐसे खिलाड़ियों को प्रेरित कर प्रेरित करना इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य है। सत्येंद्र सिंह लोहिया ने बताया है कि यात्रा कुल 27 दिन की रहेगी और इसकी शुरुआत कन्याकुमारी से होगी और इसका समापन जम्मू कश्मीर में होगा।
बता दें, सत्येंद्र सिंह लोहिया इंटरनेशनल पैरा स्विमर खिलाड़ी हैं। लोहिया ने 24 जून 2018 को 12 घंटे 24 मिनट में इंग्लिश चैनल पार किया था।इसके बाद उनका नाम एशियाई लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज हुआ। उसके बाद अमेरिका में 18 अगस्त 2019 को 11 घंटे 34 मिनट में कैटरीना चैनल पार किया और वह पहले एशियाई दिव्यांग तैराक बन गये। सत्येंद्र सिंह ने सात नेशनल पैरा तैराकी चैंपियनशिप में भाग लेकर देश के लिए अभी तक 14 पदक हासिल किए हैं।
सत्येंद्र सिंह लोहिया को मध्यप्रदेश सरकार की तरफ से सर्वोच्च खेल सम्मान विक्रम अवार्ड से नवाजा गया और इसके बाद उपराष्ट्रपति द्वारा सर्वश्रेष्ठ पहले दिव्यांग खिलाड़ी का राष्ट्रीय अवार्ड भी दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सम्मानित हो चुके हैं। सत्येंद्र सिंह लोहिया यहीं नहीं रुके। अभी हाल में ही आयरलैंड में नॉर्थ चैनल को पार कर उन्होंने इतिहास रचा था और यह कारनामा एशिया में पहली बार उन्होंने कर दिखाया।सत्येंद्र ने 36 किलोमीटर के इस नॉर्थ चैनल को महज 14 घंटे में पारकर विश्व रिकॉर्ड बनाया।