राज्यसभा सांसद और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर एमपी-एमएलए कोर्ट में पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट पेश की है। इस रिपोर्ट में माना गया है कि कांग्रेस नेता को देशद्रोही कहा गया है, जो अभी तक एक्स (ट्विटर) पर मौजूद है। अब न्यायालय ने याचिकाकर्ता अधिवक्ता को अपने बयान दर्ज करने के लिए चार दिसंबर को तलब किया है।
26 अप्रैल 2023 को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कथित तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद दिग्विजय सिंह के खिलाफ देशद्रोही शब्द का इस्तेमाल किया था। इसे एक्स पर कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने रीपोस्ट किया। वहीं, ग्वालियर के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने पूर्व मुख्यमंत्री को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसमें उन्होंने कहा था कि उनका जन्म पाकिस्तान में होना चाहिए था।
इसे लेकर कांग्रेस के विधि प्रकोष्ठ के अधिवक्ता नितिन शर्मा ने सीजेएम कोर्ट में परिवाद पेश किया था। इसमें केंद्रीय मंत्री सिंधिया सहित प्रदेश के दो अन्य मंत्रियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनके खिलाफ चालान की कार्यवाही करने की मांग की गई थी। यह मामला बाद में एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर हो गया। एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश महेंद्र सैनी की अदालत में अब यह केस चल रहा है।
इंदरगंज के थाना प्रभारी ने अपनी जांच रिपोर्ट पेश की थी। इस पूरे मामले में याचिकाकर्ता अधिवक्ता नितिन शर्मा ने कहा था कि केंद्रीय मंत्री सिंधिया और प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों- सिसोदिया और सिलावट के खिलाफ एसपी को अपनी रिपोर्ट पेश करनी चाहिए। इसके बाद एसपी ने न्यायालय में यह रिपोर्ट पेश की गई है। याचिकाकर्ता अधिवक्ता ने कहा कि पुलिस की रिपोर्ट में यह माना गया है कि उक्त आपत्तिजनक टिप्पणी को एक्स हैंडल से अब तक नहीं हटाया गया है।