एमपी अजब है तो ग्वालियर गजब है और उससे ज्यादा गजब हैं ग्वालियर में होने वाले कारनामे। ऐसा ही एक मामला ग्वालियर के डाबरा क्षेत्र में देखने को मिला, जब एक पागल कुत्ते ने एक भैंस को काट लिया अब उसका दूध पीने वाले अपने को इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल की तरफ भाग रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की मानें तो कुत्ते के काटने से उस भैंस का दूध पीने वालों को किसी तरह का कोई खतरा नहीं है लेकिन फिर भी लोग खुद को बचाने के लिए इंजेक्शन लगवाने पहुंच गए जो कि दिनभर चर्चाओं का विषय रहा।
इन दिनों शहर में डॉग बाइट के केस में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। रोजाना तीन से चार सैकड़ा लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं। स्थिति यह है कि अब लोगों का अपने घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। घर से बाहर निकलते ही आवारा घूम रहे कुत्ते तत्काल हमला कर देते हैं, जिसका खामियाजा लोगों को इंजेक्शन लगाकर चुकाना पड़ता है। शहर में बढ़ती जा रही है कुत्तों की आबादी पर नगरीय प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं और किसी भी तरह के सवालों का जवाब देने से बचते फिर रहे हैं।
बीते रोज लगभग 15 लोग ग्वालियर के मुरार अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने रेबीज डॉट लगवाने की मांग की। डॉक्टर ने जब उनसे जानकारी ली तो पता लगा कि घर के पास जहां वे एक भैंस का दूध लेने जाते हैं, उस भैंस को कुत्ते ने काट लिया था। भैंस को कुत्ते के काटने पर उन्हें किसी भी तरह का खतरा न हो इसके लिए सावधानी बरतते हुए पहले ही वह इंजेक्शन लगवाने के लिए आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों का इस मामले में कहना है कि डब्लूएचओ की गाइड लाइन के अनुसार यदि किसी दुधारू पशु को कुत्ते ने काट लिया है तो उसके दूध का सेवन करने वालों को किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं होता है।