अस्पताल में भर्ती छात्र और उसका सुसाइड नोट।
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ग्वालियर में केंद्रीय विद्यालय से चौंकाने वाली खबर सामने आई। यहां कक्षा 9 में पढ़ने वाले एक नाबालिक छात्र ने फिनायल पीकर खुदकुशी करने की कोशिश की और सुसाइड नोट में उसने स्कूल के टीचरों पर लगाया है।
ग्वालियर के केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 में पढ़ने वाले कक्षा 9 के छात्र मानवेंद्र की हालत गंभीर बनी हुई है। नाबालिक छात्र मानवेंद्र ने फिनायल पीकर खुदकुशी करने की कोशिश की। परिजनों को एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने इस घटना के लिए स्कूल के टीचरों को जिम्मेदार बताया है। उसने लिखा है कि "स्कूल की एक महिला और एक पुरुष शिक्षक प्रताड़ित करते हैं और फेल करने की धमकी देते हैं। मेरी इस घटना की दोनों टीचर जिम्मेदार होंगे"
दीनदयाल नगर में रहने वाला कक्षा-9वीं का छात्र शुक्रवार को स्कूल से घर लौटा तो थोड़ा अनमना था। अपने कमरे में गया, कुछ देर बाद उसे उल्टियां होने लगीं। मां अस्पताल लेकर भागी। छात्र की मां ने बताया कि उसकी कॉपी से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें स्कूल के दो टीचरों के नाम लिखकर आरोप लगाया गया है कि दोनों उसे परेशान और टार्चर करते हैं। फेल करने की धमकी देते हैं। मैं इनसे परेशान होकर यह कदम उठा रहा हूं। मेरे इस कदम के जिम्मेदार दोनों हैं। अस्पताल में भर्ती करने के बाद पुलिस और प्रशासन बच्चों के बयान लेने पहुंचे। इसको लेकर परिजनों ने नाराजगी जताई और कहा कि एक घंटे तक नाबालिक बच्चे के अकेले में बयान दर्ज किए गए, लेकिन बच्चा जो बता रहा है वैसे बयान नहीं लिखे गए। बच्चे की मां ने आरोप लगाया है कि पुलिस और प्रशासन स्कूल प्रशासन को बचाने की कोशिश कर रहा है।
पहले भी की थी शिकायत
बच्चे की मां टीना गौतम का कहना है कि करीब एक साल से ये दोनों शिक्षक बेटे को प्रताड़ित कर रहे हैं। इसकी शिकायत उन्होंने पहले भी की है। इस घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहे हैं कि आखिर ऐसी क्या वजह रही, जिसकी वजह से टीचरों पर बच्चे को प्रताड़ित करने के आरोप लग रहे हैं और बच्चे ने खुदकुशी करने की कोशिश की।