नवदुर्गा उत्सव के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग ने ब्रांड एंबेसडर बेटियों के नामों की सूची जारी की है। पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत अंतर्राष्ट्रीय कथक परफॉर्मर डॉल सहित 20 ब्रांड एंबेसडर बेटियों को चयन कर सूची में शामिल किया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सक्षम प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी एक्ट ग्वालियर डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में बेटी और बेटे के बीच भेदभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत ब्रांड एंबेसडर बेटियों का चयन किया गया है। चयन समिति द्वारा चुने गए नामों की सूची नव दुर्गा महोत्सव पर जारी की गई है। ये बेटियां अब जिले के स्कूलों, कॉलेजों और आम जनता के बीच जाकर लोगों को जागरूक करेंगी, ताकि समाज में बेटा-बेटी के बीच का भेदभाव समाप्त हो सके।
इसके साथ ही 10 अक्टूबर को पीसीपीएनडीटी एक्ट की जिला सलाहकार समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें डॉक्टर ज्योति बिंदल, डॉ. बिंदु सिंघल, डॉ. अमित सक्सेना (सभापति पीसीपीएनडीटी एक्ट), नोडल अधिकारी डॉ. प्रबल प्रताप सिंह, डॉ. मनोज सेमिल, डॉ. वंदना शर्मा, जिला मीडिया अधिकारी आईपी निवारिया, और शाखा प्रभारी सत्यवृत शर्मा उपस्थित थे।
ब्रांड एंबेसडर बेटियों के नाम
- डॉल जयेश कुमार
- मुक्तेश्वरी/ सुरेन्द्र पाल
- करिष्णी सिंह / कृति सिंह
- आकृति परमार / रामप्रकाश परमार
- भावनी वरूआ / हर्ष वरूआ
- भव्या वरूआ / हर्ष वरूआ
- वैष्णवी शर्मा / नरेन्द्र शर्मा
- प्राची भगत (मुरार)
- आरुन्या सोनी / अभिनाश
- वैष्णवी पाराशर / मुरारी लाल पाराशर
- अंशिका मेहता / पूनम मेहता
- वंशिका मेहता / पूनम मेहता
- मेहरा सिरोठिया / अभिषेक सिरोठिया
- लावन्या गोयल / संजय गोयल
- लक्ष्यता शर्मा / राहुल शर्मा
- दिव्या यादव / रवि यादव
- अभिनिष्टा मिश्रा / अभिषेक मिश्रा
- आकृति भदोरिया / ब्रिजेश सिंह भदोरिया
- कल्पना पाल / राजू पाल
- आकृति जैन / अनिल कुमार
स्वास्थ्य विभाग और समिति को धन्यवाद
डॉल जयेश कुमार ने कहा, नव दुर्गा महोत्सव में बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और सलाहकार समिति को धन्यवाद देती हूं। मुझे विश्वास है कि बेटी बचाओ के उद्देश्य में विभाग और सरकार सफल होगी और इससे अंचल में बेटियों के लिए जागरूकता बढ़ेगी।
बता दें कि डॉल जयेश कुमार अंतर्राष्ट्रीय कथक परफॉर्मर हैं। 14 वर्षीय डॉल ने 1,260 से अधिक स्टेज शो किए हैं और कथक के क्षेत्र में 496 पुरस्कार प्राप्त किए हैं। उनके नाम कथक में 4 राष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कथक कुंभ (खजुराहो) में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी सहभागिता की है।