ग्वालियर की सबसे बड़ी लाल टिपारा गौशाला इन दिनों अपने अनूठे प्रयोग के लिए चर्चाओं में है। चर्चा बेहद खास है, क्योंकि आज के आधुनिक दौर में जब युवा अपनी सांस्कृतिक विरासत से दूर होते जा रहे हैं। ऐसे में इस गौशाला में पूरे विधि-विधान से वैदिक मंत्रों के साथ शादी समारोह संपन्न हुआ।
आज के दौर में एक तरफ जहां युवा अपनी शादी के खास दिन को बड़ी धूमधाम और चमक-धमक के साथ आधुनिक तौर-तरीके से मनाने की चाह रखते हैं, वहीं ग्वालियर के दूल्हे शिवम ने अंजलि के साथ गौ संरक्षण का संदेश देते हुए शादी करने का फैसला लिया। शिवम एक केबल ऑपरेटर हैं और लंबे समय से गौ संरक्षण को लेकर कार्य कर रहे हैं।
इस आयोजन में शामिल होने वाले मेहमानों के लिए गोबर का लेप कर वैदिक विधि से करीब 40 कुटिया बनाई गई हैं। एक कुटिया में 10 मेहमानों के रुकने की व्यवस्था है। दुल्हन की विदाई के लिए जो बैलगाड़ी तैयार की गई है, उसमें भी गाय के गोबर का प्रयोग किया गया। वहीं शिवम ओर अंजलि की शादी देखने पहुंचे ग्वालियर-चंबल संभाग के कॉलेजों के युवाओं ने संकल्प लिया है कि वे भी इसी सादगी के साथ शादी करेंगे।