विधायक जजपाल जज्जी को हाईकोर्ट से झटका
- फोटो : सोशल मीडिया
कट्टर सिंधिया समर्थक और अशोक नगर विधानसभा से बीजेपी विधायक जजपाल सिंह जज्जी को ग्वालियर हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। विधायक जज्जी के जाति प्रमाण पत्र पर लगाई गई याचिका को लेकर विधायक ने स्टे की मांग के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। लेकिन कोर्ट ने इस आवेदन को निरस्त कर दिया। अब इस मामले को लेकर अगली सुनवाई चार मई को होगी। बता दें, विधायक के जाति प्रमाण पत्र को गलत बताते हुए बीजेपी नेता लड्डूराम कोरी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
जाति प्रमाण पत्र को लेकर की गई याचिका को चुनौती देने के लिए विधायक जजपाल जज्जी ने कोर्ट के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था और याचिका की सुनवाई पर स्टे का आग्रह किया। विधायक ने अपने आवेदन में कहा, जाति प्रमाण पत्र की वैधता के मामले में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में प्रकरण विचाराधीन है। इस मामले को लेकर सुनवाई चल रही है तो सिंगल बेंच चुनाव याचिका पर सुनवाई नहीं कर सकती। हाईकोर्ट ने विधायक के इस आवेदन को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
बता दें, जजपाल सिंह जज्जी साल 2018 के विधानसभा चुनाव में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित अशोकनगर विधानसभा सीट से कांग्रेस से चुनाव लड़े थे। उसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कमलनाथ की सरकार को गिराकर बीजेपी में शामिल हो गए और जजपाल सिंह जज्जी भी सिंधिया के साथ बीजेपी में चले गए। उसके बाद उस साल 2020 में जजपाल सिंह जज्जी ने बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।
बीजेपी नेता लड्डूराम कोरी ने अपनी याचिका में कहा कि बीजेपी विधायक जजपाल सिंह जज्जी पंजाब के रहने वाले हैं और उनके पास कीर जाति का प्रमाण पत्र मौजूद है, जो पंजाब में अनुसूचित जाति की श्रेणी में आती है। लेकिन मध्यप्रदेश में यह जाति सामान्य वर्ग में आती है, इसलिए जजपाल सिंह को मध्यप्रदेश में आरक्षण नहीं दिया जा सकता। वह मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हैं और इनका प्रमाणपत्र भी वहीं बनेगा और मान्य होगा। इसको लेकर अभी हाईकोर्ट में यह मामला लंबित है।