सिंधिया राजघराने की संपत्ति पर 8 अक्तूबर को होगी अगली सुनवाई
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ग्वालियर में सिंधिया राजघराने की संपत्ति के बंटवारे से जुड़े बहुचर्चित मामले में जिला अदालत में बुधवार को दो अलग-अलग चरणों में सुनवाई हुई। पहली सुनवाई परिवार के बीच हुए संपत्ति बंटवारा समझौते यानी फैमिली सेटलमेंट से संबंधित रही, जबकि दूसरी सुनवाई प्रतिमा देवी की ओर से दायर आवेदन पर हुई। अदालत ने दोनों मामलों में अगली सुनवाई की अलग-अलग तारीखें तय की हैं।
संपत्ति बंटवारा समझौते से जुड़े मूल प्रकरण में जिला अदालत के समक्ष करीब 1000 पन्नों का रिकॉर्ड और दस्तावेज पेश किए गए। इनमें पूर्व की न्यायिक कार्यवाही, दावा-आपत्तियां, फैमिली सेटलमेंट से जुड़ा राजीनामा और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। अदालत अब इन सभी रिकॉर्ड का विस्तृत परीक्षण करेगी। इस मामले की अगली सुनवाई 8 अक्तूबर को होगी।
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वहीं, इसी विवाद से जुड़े दूसरे चरण में प्रतिमा देवी की ओर से दायर आवेदन पर भी सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान प्रतिमा देवी के पति अदालत में मौजूद रहे और उन्होंने अपना पक्ष रखा। दूसरी ओर, सिंधिया परिवार के अन्य पक्षों ने आवेदन का विरोध करते हुए अदालत में दलील दी कि आवेदन के समर्थन में पर्याप्त दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं, इसलिए इसे स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने प्रतिवादी पक्ष को अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है। प्रतिमा देवी के आवेदन पर अब अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी। बता दें, प्रतिमा देवी राणा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ, स्वर्गीय पद्मावती राजे की पुत्री हैं। वह भी राजघराने की संपत्ति में अपना हिस्सा मांग रही हैं।
सिंधिया राजघराने की संपत्तियों से जुड़ा यह मामला लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन है और इसकी हर सुनवाई पर राजनीतिक, सामाजिक और कानूनी हलकों की नजर बनी रहती है। फिलहाल अदालत ने किसी भी पक्ष के दावे पर अंतिम टिप्पणी या निर्णय नहीं दिया है। अब 17 अगस्त और 8 अक्तूबर की सुनवाई अहम मानी जा रही है। एक ओर प्रतिमा देवी के आवेदन पर अदालत आगे की प्रक्रिया तय करेगी, वहीं दूसरी ओर फैमिली सेटलमेंट से जुड़े दस्तावेजों के परीक्षण के बाद मूल मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी। ऐसे में इस बहुचर्चित संपत्ति विवाद की हर अगली तारीख पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।