महाराष्ट्र (मुंबई) से 26 मई को पारिवारिक विवाद के कारण घर से लापता हुए युवती और उसकी नाबालिक भाई बहन को ग्वालियर के माधव बाल निकेतन से रविवार देर रात बरामद किया गया है। युवती और नाबालिग बहनें व छोटा भाई अपनी सौतेली मां के साथ पंजाब मेल में बैठकर ग्वालियर रेलवे स्टेशन से माधव बाल निकेतन पहुंचे थे, जिसके बाद सौतेली मां खंडवा स्टेशन से वापस मुंबई के लिए रवाना हो गई थी।
बता दें कि मुंबई क्राइम ब्रांच पुलिस को जब बच्चे माधव बाल निकेतन नहीं मिले तो इस मामले को लेकर माधव बाल निकेतन प्रबंधन की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उसके बाद क्राइम ब्रांच ने माधव बाल निकेतन की केयर टेकर प्रियंका भदौरिया और उसकी मां शकुंतला परमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। दरअसल, मुंबई के अंधेरी ईस्ट थाना क्षेत्र में रहने वाले एक ही परिवार के चार बच्चे ट्रेन में सवार होकर ग्वालियर पहुंचे थे। वहीं, ट्रेन में मिले एक मुरैना के युवक की सलाह पर वह स्टेशन उतर गए और ऑटो चालक दिलीप धाकड़ ने बच्चों को सड़कों पर असहाय घूमते हुए पाया तो माधव बाल निकेतन पहुंचाया।
ऑटो चालक का कहना है कि उसने माधव बाल निकेतन में प्रबंधन को यह चार बच्चे, जिनमें तीन लड़कियां हैं और एक लड़का था, आश्रम में छोड़ा था। लेकिन जब मुंबई पुलिस रविवार को इन बच्चों को तलाशने पहुंची तो उन्हें बच्चें नहीं मिले थे, जिसके बाद देर रात पुलिस ने बच्चों को माधव बाल निकेतन से बरामद कर लिया और माधव बाल निकेतन की केयर टेकर प्रियंका भदौरिया और उसकी मां शकुंतला परमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।