मप के ग्वालियर में शनिवार को कमलाराजा अस्पताल में भारी बवाल हुआ। लापरवाही के आरोपों के बीच डॉक्टरों व मरीजों के परिजनों के बीच संघर्ष हो गया। इसी दौरान अस्पताल में भर्ती तीन मरीजों की मौत हो गई।
ग्वालियर के कमलाराजा अस्पताल में शनिवार को बवाल हो गया। वहां भर्ती मरीजों के परिजनों व डॉक्टरों के बीच संघर्ष में जमकर मारपीट हुई। डॉक्टरों ने महिलाओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। यहां भर्ती 80 वर्षीय शकुंतला देवी की मौत हाे गई। इसे लेकर परिजनों का अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों से विवाद हो गया। इसके बाद गुस्से में स्टाफ नर्स वार्ड से चली गईं। तभी दो और मरीजों की भी मौत हो गई। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि मरीज की स्थिति पहले से ही नाजुक थी।
महिला के परिजनों ने आरोप लगाया कि महिला को जिस मास्क से ऑक्सीजन दी जा रही थी, डॉक्टर ने उसे ही हटा लिया। इससे उनकी मौत हो गई। जबकि डॉक्टर फराज आदिल व अन्य ने आरोपों को नकार दिया। इसके बाद पहले परिजनों ने वार्ड में हंगामा किया तो डॉक्टर चले गए। थोड़ी देर बाद एक दर्जन से अधिक डॉक्टर्स वार्ड में पहुंचे। इन डाॅक्टराें ने मरीज के परिजनाें काे दाैड़ा-दाैड़ाकर पीटा। डाॅक्टराें ने महिला अटेंडेंट को भी नहीं बख्शा। हंगामे के बीच भर्ती तीन और मरीजों की मौत हो गई। डॉक्टरों ने पुलिसकर्मियों से भी झूमाझटकी की। इसके बाद सभी डॉक्टर डीन ऑफिस पहुंचे और काम बंद कर दिया। उन्होंने मरीजों के अटेंडरों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की।
घटना की जानकारी मिलने पर ऊर्जा मंत्री पीएस तोमर जीआरएमसी कॉलेज पहुंचे और डॉक्टरों से सहयोग देने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि समस्याओं का जल्द निराकरण किया जाएगा। मंत्री के आश्वासन पर डॉक्टर काम पर लौट आए और मामला शांत हुआ।