ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के पीए सत्यप्रकाश शर्मा ने परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की फर्जी शिकायत की।
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ग्वालियर में भ्रष्टाचार की एक शिकायत इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई है। परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और मध्य प्रदेश के परिवहन आयुक्त के खिलाफ स्पीड पोस्ट के जरिए शिकायत भेजी गई थी। यह शिकायत आयुक्त के पीए ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, महानिदेशक लोकायुक्त सीबीआई, हाईकोर्ट रजिस्टर और भाजपा के संगठन मंत्री को भेजी गई थी। शिकायत में ग्वालियर के एक व्यक्ति धर्मवीर कुशवाह का नाम और उसका मोबाइल नंबर भरकर भेजा था। धर्मवीर पेशे से पत्रकार है। ग्वालियर में सिंधिया नगर के रहने वाले 44 साल के धर्मवीर कुशवाह लोकल अखबार का संचालन करते हैं। जब धर्मवीर के नंबर पर शिकायत के 9 नोटिफिकेशन आए तो दंग रह गया, क्योंकि उसने न ऐसी कोई शिकायत की और न स्पीड पोस्ट किया था।
इस पर धर्मवीर ने आर्टिकल नंबर लेकर सर्च किया तो पता लगा कि यह पार्सल डाकघर काउंटर स्टेशन से बुक किया गया है। धर्मवीर ने डाकघर में पहुंचकर बताया कि स्पीड पोस्ट उन्होंने नहीं किए हैं और उन्होंने आवेदन देकर स्पीड पोस्ट को रीकॉल करवा लिया। जब यह स्पीड पोस्ट रीकॉल होकर घर पहुंची और उसने लिफाफा खोला, जिसमें चौंकाने वाली जानकारी मिली। गोविंद सिंह राजपूत, परिवहन आयुक्त मुकेश जैन द्वारा 50 करोड़ की अवैध वसूली करने की बात लिखी थी। धर्मवीर ने इसकी शिकायत तत्काल क्राइम ब्रांच से की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई। पुलिस ने डाकघर में लगे सीसीटीवी को खंगाला तो उसमें एक युवक लिफाफा ले जाते हुए दिखाई दिया। जिसकी पहचान परिवहन आयुक्त मुकेश जैन के पीए व बाबू सत्यप्रकाश शर्मा के ड्राइवर अजय सालुंके के रूप में हुई।
पुलिस ने जब अजय से पूछताछ की तो उसने सब कुछ कबूल करते हुए पीए सत्यप्रकाश शर्मा का नाम उजागर कर दिया। अजय ने बताया कि उसने सत्यप्रकाश शर्मा के कहने पर ही यह पोस्ट किया था। पुलिस ने परिवहन आयुक्त के पीए सत्यप्रकाश और अजय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इस मामले को लेकर परिवहन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। सत्यप्रकाश शर्मा को विभाग के रसूखदार लोगों में माना जाता है। उनके पास बहुत से अधिकारियों के कई राज दबे हुए हैं।