मध्य प्रदेश के इंदौर में लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा पढ़ने का मामले में सियासत जारी है। इस बीच बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक और महाराष्ट्र के सह संगठन प्रभारी जयभान सिंह पवैया का बयान सामने आया है। पवैया ने कहा कि इसे हम हनुमान चालीसा पर राजनीति न कहकर यह कहें कि यह भारत के जनमानस की प्रतिक्रिया है। इस बात के खिलाफ इस देश में आस्था का सम्मान सबको है, लेकिन धर्म विशेष लोगों को दिए जा रहे विशेष अधिकार का विरोध है, अगर किसी धर्म विशेष को विशेष अधिकार दिए जाएंगे, तो लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे। भाई-भाई का नारा देकर कोई भाई विशेष अधिकार मांगे तो यह ठीक नहीं है, जो हिंदूवादी संगठन लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा पाठ करने की बात कर रहे हैं। मैं उनके इस कदम का समर्थन करता हूं, यदि सरकार चाहती है कि देश-प्रदेश का सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे, तो धर्म के नाम पर विशेष अधिकार देना बंद करना होगा।
पवैया ने कहा कि नेहरू जी और नेहरू के खानदान का काल नहीं है, भारत में आज नरेंद्र मोदी जी का कालखंड है और इसमें संप्रदाय के नाम पर दादागिरी करने वाले समुदाय को इजाजत नहीं मिल सकती। अगर किसी व्यक्ति विशेष को मजहब के नाम पर लाउडस्पीकर बजाने की छूट दे रखी है, तो हम भी बीच सड़क पर लाउडस्पीकर बजाएंगे। इस देश में जब तक मजहब के नाम पर दादागिरी और गुंडागर्दी होती रहेगी, तब तक भाईचारा नहीं हो सकता इसलिए उन्हें समझना चाहिए।