ग्वालियर में 11 साल की नाबालिग से दुष्कर्म की कोशिश करने वाले आरोपी राठौर पतंग वाले के घर प्रशासन की टीम बुलडोजर लेकर पहुंची तो परिजन नारेबाजी करते हुए विरोध करने लगे। परिजनों ने घर से निकलने से मना कर दिया। वहीं, मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर बुलाया गया। सीएम के आदेश के बाद प्रशासन का दस्ता आरोपी के घर को तोड़ने के लिए बुलडोजर लेकर पहुंचा था, लेकिन आरोपी के परिजन प्रशासन से हाथ जोड़कर घर तोड़ने के लिए मना करते रहे। प्रशासन की टीम को देखकर आरोपी के परिजनों और राठौर समाज के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया और अफसरों के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों के विरोध के चलते प्रशासन ने तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू करने से पहले परिजनों को समझाया और बाद में घर पर बुलडोजर से तोड़फोड़ की।
आरोपी के घर के बाहर जमा भीड़।
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क्या है पूरा मामला
दुष्कर्म का मामला बीते गुरुवार का है। ग्वालियर के राक्सी पुल के पास रहने वाले मजदूर परिवार की 11 वर्षीय बच्ची अपने घर से मोमोज खाने के लिए निकली थी। मोमोज वाले के पास ही आरोपी राठौर पतंग वाले की दुकान है। बच्ची पास की थी इसलिए वह आरोपी को जानती थी, आरोपी ने बच्ची को खाने की चीजों का लालच दिया और अपने साथ गोदाम ले गया। जहां उसने बच्ची से दुष्कर्म की कोशिश की। बच्ची रोने लगी और शोर मचाने लगी तो आरोपी ने उसका मुंह बंद कर दिया। इसी दौरान बच्ची की मां उसे खोजते हुए मोमोज वाले की दुकान में पहुंची, जहां किसी ने उसे जानकारी दी कि बच्ची को चतुर्भुज गोदाम में ले गया है। बच्ची की तलाश में मां गोदाम पर पहुंची तो आरोपी उसे देखते ही वहां से फरार हो गया। घटना के बाद बाजार में हंगामा हो गया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और आरोपी को घटना स्थल के पास से ही दबोच लिया। बच्ची की मां की रिपोर्ट पर आरोपी के खिलाफ बच्ची के अपहरण, बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का मामला पॉस्को एक्ट के साथ दर्ज किया गया है।