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ग्वालियर: अभाविप की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी बोलीं- तमिलनाडु सरकार का रवैया बेशर्मी भरा, लावण्या को न्याय दिलाने लड़ते रहेंगे

Wed, 02 Mar 2022 03:41 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर पहुंचीं। वे चेन्नई में आठ दिन की जेल से छूटकर दिल्ली जा रही थीं। ग्वालियर स्टेशन पर उनका स्वागत किया गया। उन्होंने यहां मीडिया से भी चर्चा की।
 
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर पहुंचीं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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निधि त्रिपाठी का कहना था कि तमिलनाडु में 12वीं की छात्रा लावण्या की मौत के मामले में तमिलनाडु सरकार का रवैया बेशर्मी भरा रहा। छात्रा लावण्या की मौत के बाद न्याय के लिए लड़ रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के आवास के बाहर से गिरफ्तार किया गया। 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया, जहां से उन्हें 8 दिन बाद जमानत मिली। एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। लेकिन हम बता दें कि एबीवीपी के कार्यकर्ता लावण्या के न्याय के लिए लड़ते रहेंगे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद माइनॉरिटी एजुकेशन इंस्टीट्यूशन में मेजॉरिटी स्टूडेंट्स पर होने वाली प्रताड़ना को बर्दाश्त नहीं करेगी।
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निधि ने कहा कि एबीवीपी मांग करती है माइनॉरिटी इंस्टीट्यूशंस में एंटी कन्वर्जन हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए ताकि ऐसे विद्यार्थियों की सहायता की जाए। तमिलनाडु सरकार को लावण्या की मौत के मामले में सीबीआई जांच में सपोर्ट करने की अपील भी की है। वही निधि ने पूरे देश भर में लावण्या की मौत के मामले में प्रदर्शन करने की बात भी कही है।

बता दें कि तमिलनाडु के तंजावुर जिले के मिशनरी स्कूल में धर्मांतरण का दबाव बनाने और उसके बाद छात्रा के आत्महत्या करने के मामले को लेकर एबीवीपी लगातार प्रदर्शन कर रही है। एबीवीपी शिक्षा के मंदिर में इसाई मिशनरियों द्वारा जबरन धर्मांतरण करवाए जाने के आरोप लगाते हुए स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने और दोषियों को सजा देने की मांग कर रही है। बताया गया कि स्कूल की एक नन ने लावण्या पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। छात्रा ने जब हिंदू धर्म को छोड़कर ईसाई बनने से इनकार किया तो नन ने लावण्या से शौचालय तथा लैबोरेटरी की सफाई करवाना शुरू कर दी। उनका आरोप है कि एक अन्य नन ने छात्रा को कई प्रलोभन भी दिए। इस तरह की मानसिक प्रताड़ना ही उसके आत्महत्या करने का कारण बनी। ये लोग मुख्यमंत्री स्टालिन के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। तभी इन्हें गिरफ्तार किया गया था।
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