मध्य प्रदेश के गुना में एक अनोखी बारात ने सबका ध्यान खींच लिया, जब दूल्हा पारंपरिक घोड़ी या बग्गी के बिना जुगाड़ से निकली बारात में मस्ती के साथ शामिल हुआ। दूल्हे का यह ‘रूफ-टॉप स्वैग’ बारातियों के लिए भी किसी सरप्राइज से कम नहीं था। सभी लोग इस मौके पर खुशी से झूम उठे।
शादियों का सीजन आते ही शहरों और गांवों में रंग-बिरंगी बारातों की धूम देखने को मिलती है। आमतौर पर दूल्हा सफेद घोड़ी या सजी-धजी बग्गी पर सवार होकर अपनी दुल्हन को लेने निकलता है, लेकिन गुना की सड़कों पर बीती रात एक ऐसी बारात निकली, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यहां दूल्हे ने पारंपरिक साधनों की कमी को अपनी मस्ती और जुगाड़ से ऐसा रंगीन बना दिया कि पूरा शहर उसे देखता रह गया। हालांकि, यातायात नियमों और सुरक्षा के लिहाज से देखा जाए तो ये प्रयोग जोखिम भरा हो सकता था।
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कौन है ये दुल्हा?
दरअसल, सकतपुर रोड निवासी कार्तिक ओझा की बारात को कोल्हूपुरा जाना था। शादी की तैयारियां लंबे समय से चल रही थीं, लेकिन भारी लग्न और शादियों की भीड़ के चलते ऐन वक्त पर न तो घोड़ी उपलब्ध हो सकी और न ही कोई बग्गी मिल पाई। जैसे-जैसे बारात चढ़ने का समय नजदीक आता गया, परिवार और बारातियों में चिंता बढ़ने लगी। माहौल में हल्की मायूसी छाने लगी थी।
‘रूफ-टॉप स्वैग’ से दिया सरप्राइज
कार्तिक ने अपनी कार को ही ‘घोड़ी’ बना लिया और उसकी छत पर चढ़कर बैठ गए। देखते ही देखते उदासी का माहौल उत्साह और मस्ती में बदल गया। डीजे की धुनें गूंजने लगीं और बारात अपने पूरे रंग में आ गई। कार्तिक का यह अनोखा अंदाज देखते ही बन रहा था। वे कभी कार की छत पर बैठकर लोगों का अभिवादन करते, तो कभी खड़े होकर फिल्मी गानों पर ठुमके लगाते नजर आए। दूल्हे का यह ‘रूफ-टॉप स्वैग’ बारातियों के लिए भी किसी सरप्राइज से कम नहीं था। सभी ने इस मौके को जमकर एंजॉय किया और बारात में शामिल हर व्यक्ति खुशी से झूम उठा।
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जैसे ही यह बारात शहर के मुख्य मार्गों से गुजरी, राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग अपने घरों की छतों, दुकानों और सड़कों से इस अनोखे नजारे को देखने लगे। कई लोग अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने लगे, तो युवाओं में दूल्हे के साथ सेल्फी लेने की होड़ मच गई। जगह-जगह लोगों ने इस अनोखी बारात का स्वागत भी किया।
'दूल्हे के इस जिंदादिल अंदाज ने शादी को यादगार बना दिया'
आखिरकार मस्ती और उत्साह से भरपूर यह बारात कोल्हूपुरा पहुंची, जहां दूल्हे का जोरदार स्वागत किया गया। बारातियों का कहना था कि भले ही घोड़ी न मिलने से शुरुआत में थोड़ी निराशा हुई थी, लेकिन दूल्हे के इस जिंदादिल अंदाज ने शादी को यादगार बना दिया। कार्तिक का यह अनोखा कदम यह संदेश देता है कि खुशियां साधनों की मोहताज नहीं होतीं। अगर मन में उत्साह और कुछ नया करने का जज्बा हो, तो हर परिस्थिति को खास बनाया जा सकता है। गुना की यह ‘रूफ-टॉप बारात’ अब शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे लंबे समय तक याद रखेंगे।