गुना जिले के चर्चित साकोन्या कलां मर्डर केस में कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। मामले में एक आरोपी को हत्या का दोषी माना गया है। उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। बाकी 17 लोगों को हत्या के आरोप से मुक्त कर दिया है। उन्हें बलवा की धाराओं में दोषी मानकर उनपर एक-एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। मामले में फैसला विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट संदीप कुमार श्रीवास्तव ने सुनाया।
दरअसल, मामला 2018 का है। साकोन्या के रहने वाले उम्मेदसिंह पुत्र मोहरसिंह ने राघौगढ़ थाने पर शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि 15 अप्रैल को दोपहर 2 बजे की बात है। वह अपने साथी राजेश, रोहित और तुलसीराम के साथ पार्वती नदी में नहा रहे थे। इतने में विजय सिंह गुर्जर ने उनसे कहा कि यहां पर मत नहाया करो, यहां पर हम लोग नहाएंगे। बस इसी बात पर विजय और राजेश के सथियों के साथ झूमाझटकी हो गई।
फिर विजय ने अपने मोबाइल से अपने घर वालों को बताया। इतने में सिरनाम सिंह गुर्जर, ओंमकार सिंह, रामबाबू, महेश, जयनारायण, दीवानसिंह, कल्लू, वीरसिंह, मलखान सिंह, सुमेरसिंह, सोबरन सिंह, तुलसीराम, इमरतसिंह, लक्ष्मणसिंह, बनवारी, हरीसिंह, राजेश, जगदीश, मदनसिंह फर्सी, लाठी, लुहांगी, बल्लम लेकर पार्वती नदी पर आ गए। सभी लोगों ने एक साथ मिलकर हमला कर दिया। हद तो तब हो गई जब एक ने जान से मारने की नीयत से हमला कर राजेश के सिर में फर्सी दे मारी, जिससे सिर में घाव होकर खून निकलने लगा। हमले से राजेश जमीन पर गिर पड़ा। घटना के बाद डॉक्टर ने राजेश का इलाज करके गुना रेफर कर दिया। जहां डॉक्टरों ने राजेश को मृत घोषित कर दिया।
इस पूरे मामले के बाद पुलिस ने बलवा, हत्या, मारपीट, SC ST एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया गया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों तरफ से 40 लोगों के बयान कराए गए। लगभग 100 दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले में आरोपी सिरनाम सिंह पुत्र ओंकार सिंह गुर्जर को हत्या, दंगा, SC ST एक्ट की धाराओं में दोषी माना। कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर चार हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।