गुना जिले के मुख्यालय स्थित गुना का सरकारी अस्पताल एक बार फिर अपनी बदहाल व्यवस्था को लेकर सुर्खियों में है। मानसून की पहली बारिश ने अस्पताल की पोल खोलकर रख दी है। इतना कुछ होने के बावजूद प्रशासनिक अमला नदारद रहा।
खासतौर पर मेटरनिटी वार्ड की स्थिति चिंताजनक है, जहां पानी भरने से मरीजों और नवजात बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश शुरू होते ही मेटरनिटी वार्ड के फर्श पर पानी भर गया, जिससे वहां भर्ती प्रसूताएं और उनके परिजन असहज स्थिति में आ गए। कई स्थानों पर पानी इतना भर गया कि मरीजों को बिस्तर बदलने पड़े। मेटरनिटी वार्ड जैसे संवेदनशील पर पानी भरना स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
मरीजों के परिजनों ने इस स्थिति पर नाराज़गी जताई और जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग की। लोगों का कहना है कि पहली ही बारिश में ये हाल है, तो पूरे मानसून में क्या हाल होगा?