मध्य प्रदेश के गुना जिले की नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। अपनी मेहनत की फसल बेचने आए एक किसान को मंडी में अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर गुहार लगाते हुए रोना पड़ गया।
किसान की बेटी की है शादी
कथित तौर पर अभद्र व्यवहार की बात आई सामने
बताया जा रहा है कि ड्यूटी पर तैनात मंडी निरीक्षक राजकुमार शर्मा पर किसानों और व्यापारियों ने शराब के नशे में होने का आरोप लगाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नीलामी के दौरान एक किसान की सरसों की बोली 5700 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई थी। हालांकि, आरोप है कि निरीक्षक ने नीलामी पर्ची पर गलती से या जानबूझकर 5400 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज कर दिया। जब किसान ने इस अंतर को लेकर आपत्ति जताई और पर्ची में सुधार की मांग की तो निरीक्षक ने कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया और संशोधन करने से इनकार कर दिया।
किसानों का कहना है कि खरीदार व्यापारी 5700 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से फसल खरीदने के लिए तैयार था, लेकिन मंडी निरीक्षक के रवैये के कारण पूरी प्रक्रिया अटक गई। इस विवाद के बाद व्यापारियों ने भी नाराजगी जताते हुए फसल खरीदी का बहिष्कार कर दिया, जिससे मंडी में नीलामी पूरी तरह ठप हो गई और सुबह से अपनी उपज लेकर आए किसान परेशान होते रहे।
काफी देर तक जब कोई समाधान नहीं निकला तो आक्रोशित किसानों ने विरोध करते हुए नेशनल हाईवे एबी रोड पर चक्काजाम कर दिया। करीब आधे घंटे तक सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों को समझाइश देकर जाम खुलवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
भावुक होकर किसान मंडी परिसर में रो पड़ा
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जिस किसान की फसल की बोली को लेकर विवाद हुआ, वह भावुक होकर मंडी परिसर में रो पड़ा। वायरल वीडियो में किसान हाथ जोड़कर अधिकारियों से अपनी फसल खरीदने की गुहार लगाता दिखाई दे रहा है। वह बार-बार कह रहा है कि उसकी बेटी की शादी है और उसे पैसों की सख्त जरूरत है।
अन्य किसान भी भावुक हो गए
यदि समय पर फसल नहीं बिकी तो शादी की व्यवस्था कैसे होगी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद अन्य किसान भी भावुक हो गए। किसान राम सिंह रघुवंशी और गिर्राज यादव सहित कई किसानों ने बताया कि मंडी प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें दो-दो बार ट्रैक्टर का किराया देना पड़ रहा है।
पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने राज्य सरकार पर निशाना साधा
जयवर्धन सिंह ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों के साथ इस तरह का अन्याय जारी रहा तो कांग्रेस पार्टी किसानों के समर्थन में सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।
वहीं, मंडी सचिव आर.पी. सिंह ने स्वीकार किया कि मंडी निरीक्षक राजकुमार शर्मा के कारण विवाद की स्थिति बनी है। उन्होंने बताया कि किसानों द्वारा निरीक्षक के शराब के नशे में होने की शिकायत की गई है, जिसकी पुष्टि के लिए चिकित्सकीय जांच कराई जाएगी। घटना का पंचनामा तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है।
मंडी निरीक्षक निलंबित, अब दोबारा खरीदी प्रक्रिया शुरू
मंडी सचिव ने यह भी बताया कि विवाद के बाद व्यापारियों से बातचीत कर दोबारा खरीदी प्रक्रिया शुरू करवा दी गई है। साथ ही मंडी में स्टाफ की कमी की जानकारी भी शासन को भेजी गई है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने।
वहीं, मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम (आईएएस) ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए संबंधित मंडी निरीक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत निरीक्षक राजकुमार शर्मा को निलंबित कर दिया गया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।